नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई राउज एवेन्यू की स्पेश

नीट पेपर लीक मामले में सुनवाई राउज एवेन्यू कोर्ट में टली, अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी

नीट पेपर लीक मामले में सुनवाई राउज एवेन्यू कोर्ट में टली

नीट पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहले ही दिन सुनवाई टल गई। सुनवाई के दौरान CBI की ओर से सरकारी वकील मौजूद नहीं था। इसके बाद अदालत ने डायरेक्टर ऑफ प्रोसिक्यूशन को CBI का पक्ष रखने के लिए सरकारी वकील नियुक्त करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई 3 अगस्त तक टाल दी गई। आरोपियों की ओर से वकील AP सिंह पेश हुए थे।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली सुनवाई

यह पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत बनी स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस मामले की पहली सुनवाई हुई। अब NEET पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई इसी अदालत में होगी। PM मोदी ने 23 जुलाई को पेपर लीक मामले को लेकर अपने पहले सोशल मीडिया पोस्ट में फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाने की घोषणा की थी। 23 जुलाई और 26 जुलाई को पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दो वीडियो मैसेज जारी किए थे। दोनों में उन्होंने कहा था कि दोषियों पर कार्रवाई के लिए हमने फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिए।

13 आरोपियों की गिरफ्तारी

NEET Paper Leak मामले में CBI ने अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी 6 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं। इस मामले में 12 मई को सरकारी अधिकारी की शिकायत पर BNS, प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़ी धाराओं में FIR दर्ज की गई थी। एजेंसी के अनुसार, पेपर लीक का नेटवर्क शुभम खैरनार, यश यादव, मांगीलाल बिंवाल, विकास बिंवाल और दिनेश बिंवाल तक फैला था। जांच में मांगीलाल के मोबाइल फोन से लीक हुआ पेपर बरामद होने का दावा किया है। आरोप है कि मांगीलाल ने अपने बेटे विकास के लिए NEET का पेपर खरीदने के मकसद से शुभम खैरनार से संपर्क किया था।