प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने अपनी सरकार की टीम में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं। भाजपा संगठन में बदलाव के बाद अब केंद्र सरकार में भी जिम्मेदारियों को नए सिरे से बांटने की तैयारी के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि दो दर्जन से अधिक मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया जा सकता है। कुछ मंत्रियों का मौजूदा कामकाज कम किया जा सकता है, जबकि कुछ नेताओं को नई और बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
संगठन के बाद अब सरकार में बदलाव की तैयारी
भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर हुए बदलाव के बाद अब सरकार के कामकाज की समीक्षा को लेकर भी अटकलें तेज हैं। संभावित फेरबदल में मंत्रियों के प्रदर्शन, अनुभव और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखा जा सकता है। इसके अलावा कुछ नेताओं को सरकार से संगठन में भेजे जाने और संगठन से कुछ चेहरों को सरकार में लाने की संभावना भी जताई जा रही है।
पीयूष गोयल को लेकर क्या है चर्चा?
भाजपा ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया है। इसके बावजूद संकेत हैं कि वह केंद्र सरकार में मंत्री पद पर बने रह सकते हैं। ऐसे में संगठन और सरकार दोनों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी रह सकती है।
धर्मेंद्र प्रधान की वापसी की चर्चा
नीट विवाद के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया है। हालांकि, अब चर्चा है कि उन्हें किसी अन्य मंत्रालय की जिम्मेदारी देकर मोदी सरकार की टीम में दोबारा शामिल किया जा सकता है। इससे साफ है कि संभावित फेरबदल में केवल विभागों का बदलाव ही नहीं, बल्कि कुछ नेताओं की नई भूमिका भी तय हो सकती है।
UP चुनाव पर भी नजर
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को भी संभावित फेरबदल में अहम माना जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक में से किसी एक को केंद्र सरकार में लाने की चर्चा है।
हालांकि, मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा।