Uttar Pradesh: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के प्रवेश द्वारों के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक ली. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ के 7 प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गंतव्यों की पहचान को दर्शाने वाले भव्य प्रवेश द्वार विकसित किए जाने के निर्देश दिए.
[caption id="attachment_131441" align="alignnone" width="300"]
सीएम योगी ने किया बड़ा एलान[/caption]
Uttar Pradesh: तिहासिक पहचान दिखनी चाहिए
इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि राजधानी में प्रवेश करते ही उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहचान दिखनी चाहिए.
Also Read-
पति ने पत्नी को कहा ‘बंदरिया’.. हर्ट हुई पत्नी ने लगा ली फांसी
Uttar Pradesh: आईए जानते है कहा कौनसे द्वार की बात रखी
रायबरेली–प्रयागराज मार्ग पर ‘संगम द्वार’
सुल्तानपुर–वाराणसी मार्ग पर ‘नंदी द्वार’
बाराबंकी–अयोध्या मार्ग पर ‘सूर्य द्वार’
सीतापुर–नैमिषारण्य मार्ग पर ‘व्यास द्वार’
हरदोई–हस्तिनापुर मार्ग पर ‘धर्म द्वार’
आगरा–मथुरा मार्ग पर ‘कृष्ण द्वार’
उन्नाव–झांसी मार्ग पर ‘शौर्य द्वार’
बनाएं जाएंगे.
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रवेश द्वारों के निर्माण के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड का उपयोग किया जाएगा.
Also Read-
CM Vishnu Dev Sai: कांग्रेस का धर्म ही विरोध करना है-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
प्रतीकों का प्रभावी समावेश किया जाए
साथ ही सीएम ने बैठक में निर्देश दिए कि इन प्रवेश द्वारों के डिजाइन में भारतीय पारंपरिक वास्तुकला, शिल्पकला और सांस्कृतिक प्रतीकों का प्रभावी समावेश किया जाए.