विवाद पर मध्यप्रदेश विधानसभा में हंगामा

कांग्रेस विधायक के ‘देवदासी’ शब्द पर सदन में हंगामा, CM डॉ मोहन बोले- बरैया अपना भाव स्पष्ट करे

मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया के 'देवदासी' शब्द उपयोग पर बड़ा हंगामा हुआ, विपक्ष और सरकार में तीखी नोकझोंक।

कांग्रेस विधायक के ‘देवदासी’ शब्द पर सदन में हंगामा, CM डॉ मोहन बोले- बरैया अपना भाव स्पष्ट करे

कांग्रेस विधायक के ‘देवदासी’ शब्द पर सदन में हंगामा, CM डॉ मोहन बोले- बरैया अपना भाव स्पष्ट करे

मध्यप्रदेश विधानसभा में शासकीय संकल्प पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया के ‘देवदासी’ शब्द पर सदन पर जमकर हंगामा हुआ। विधायक बरैया नारी शक्ति वंदन और महिला आरक्षण विषय पर देवदासी शब्द बोल दिया। 

अत्याचार दो हजार साल से हो रहा

दरअसल बरैया ने कहा- संकल्प में स्पष्ठ नजर नहीं आ रहा है कि सरकार इस संकल्प को क्यों लाई है। परिसीमन की प्रक्रिया को पूर्ण करके यह आरक्षण लाएंगे। आपकी मंशा महिलाओं के 33 फीसदी आरक्षण की नहीं है। कहा- जीवन के दो पहिये में एक पहिये पुरुष होता है दूसरा महिला, तो एक पहिया पिछड़ क्यों गया है। कई देशों में महिलाओं पर अत्याचार हुए फिर माफी मांग कर उनको बराबर लाये है। 

कौन लोग है जिन्होंने महिलाओं को देवदासी बनाया

बीजेपी की मानसिकता है कि महिलाएं आगे नहीं बढ़ रही है। बरैया ने कहा- कौन लोग है जिन्होंने महिलाओं को देवदासी बनाया। देवदासी शब्द पर सदन में हंगामा हो गया। सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा यहां सार्थक विषय चल रहा है। फूलसिंह बरैया के अंदर का भाव क्या है स्पष्ठ कर दे। बरैया कभी देवदासी बोल रहे है कभी अन्य शब्दों का प्रयोग कर रहे है। बरैया ने कहा- स्त्री और शूद्रों को शिक्षा नहीं देना चाहिए, यही हमारे पूर्वजों ने सिखाया, बताया है।

महिला आयोग की अध्यक्ष की कुर्सी खाली

कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने नारी शक्ति वंदन बिल के शासकीय संकल्प पर चर्चा के दौरान कहा कि महिला आरक्षण के हम हमेशा समर्थन में रहे। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बनी। पंचायती राज में 33 फीसदी महिला आरक्षण को हमने ही दिया। 

हर शासकीय नौकरी में 50 फीसदी आरक्षण

ये महिलाओं की आड़ में नारी शक्ति वंदन बिल सिर्फ परिसीमन के लिए ला रहे थे। अगर इन्हे महिलाओं की चिंता हैं तो मौजूदा स्थिति में ही इस बिल को पारित कर लागू की जाएं। एक तिहाई महिला आरक्षण जल्द से जल्द लागू हो। 

विपक्ष की मानसिकता तालिबानी

बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने कहा- विपक्ष की जिहादी मानसिकता, तालिबानी मानसिकता का है विपक्ष। निजी स्वार्थों के लिए कई संशोधन किए। आपने सिर्फ अपना हित देखा। अपने गिरेबान में झाकें, प्राश्चित कीजिए, अभी भी समय है।

विपक्ष ने इस बिल को तमाशा बना दिया

मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा- आज भारत को विकसित बनाने के लिए आगे बढ़ रहे है। 2023 में इस बिल को मंजूरी मिली। 2023 में लोकसभा राज्यसभा में 33 फीसदी आरक्षण पास हुआ था। विपक्ष ने इस बिल को तमाशा बना दिया है। 2026 में इस बिल को परिसीमन की तरफ आगे बढ़ना था तब विपक्ष ने समर्थन नहीं दिया। 
 

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