विदिशा के ऐतिहासिक विजय मंदिर यानी बीजा मंडल में नागपंचमी पर पूजा-अर्चना को लेकर वर्षों से चली आ रही ताला खोलने की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई। नागपंचमी के दिन विधायक मुकेश टंडन बीजा मंडल पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोग ताला खोलकर अंदर पूजा कराने की मांग को लेकर विरोध में बैठे थे।

बातचीत के दौरान ‘गोदाम’ शब्द पर विवाद
विरोध कर रहे लोगों से बातचीत के दौरान बीजा मंडल को लेकर चल रहे आंदोलन का जिक्र आया। इसी दौरान विधायक मुकेश टंडन ने इसे ‘गोदाम’ कह दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने विधायक की टिप्पणी का विरोध किया। विवाद बढ़ने के बाद विधायक ने बीजा मंडल की चौखट पर पूजा-अर्चना की और वहां से लौट गए।
दो दिन बाद विधायक ने मांगी माफी
टिप्पणी सामने आने के बाद हिंदू समाज के लोगों में नाराजगी देखी गई। गुरुवार को विधायक मुकेश टंडन ने वीडियो जारी कर अपने शब्दों पर खेद जताया और माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी भावना किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने की नहीं थी।

‘शुरुआत से मंदिर आंदोलन में शामिल रहा हूं’
विधायक ने कहा कि बीजा मंडल यानी विजय मंदिर को लेकर शुरू हुए आंदोलन में वे शुरुआत से ही शामिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इतिहासकारों की कही बात के संदर्भ में उनके मुंह से वह शब्द निकले थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजा मंडल एक मंदिर है और यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे हाथ जोड़कर क्षमा मांगते हैं।
संस्कृत अभिलेख में चर्चिका देवी का उल्लेख
बीजा मंडल को विजय मंदिर या विजया मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। ऐतिहासिक और पुरातात्विक विवरण इसे परमार काल से जोड़ते हैं। यहां मिले संस्कृत अभिलेख में चर्चिका देवी का उल्लेख मिलता है। देवी के ‘विजया’ नाम से विजय मंदिर नाम की परंपरा जुड़ी मानी जाती है।
आस्था और पुरातत्व के बीच पुराना विवाद
बीजा मंडल पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है। हिंदू समाज इसे प्राचीन मंदिर मानते हुए पूजा का अधिकार और ताला खोलने की मांग करता रहा है, जबकि स्थल पर पुरातात्विक संरक्षण से जुड़े नियम लागू हैं। इसी वजह से वर्षों से आस्था और प्रशासनिक नियमों के बीच विवाद बना हुआ है।
चौखट पर पूजा, अंदर जाने की नहीं मिली अनुमति
नागपंचमी पर इस बार भी श्रद्धालु और हिंदू समाज के लोग बीजा मंडल पहुंचे। अंदर जाने का रास्ता बंद होने के कारण चौखट के बाहर पूजा की गई। ताला खोलने की मांग को लेकर बैठे लोगों से विधायक की बहस हुई और विवादित टिप्पणी सामने आई। बाद में विधायक ने चौखट पर पूजा की और अब माफी मांगकर मामले को शांत करने की कोशिश की है।