मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। खनियाधाना में अहिल्याबाई देवी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के विरोध में आयोजित पाल-बघेल समाज की आक्रोश सभा में विधायक ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर गंभीर आरोप लगाए। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
‘महिलाओं को भेजकर फंसाने की कोशिश’
वायरल वीडियो में विधायक प्रीतम लोधी आरोप लगाते नजर आ रहे हैं कि पिछोर के डाक बंगले में उनके विरोधी महिलाओं को उनसे बातचीत कराने और उन्हें ‘पटाने’ के लिए भेजते हैं। विधायक के मुताबिक, इसके पीछे उन्हें किसी विवाद या कानूनी मामले में फंसाने की कथित साजिश है।
वीडियो बनाकर केस में फंसाने का दावा
विधायक ने आरोप लगाया कि महिलाओं के जरिए उनसे जबरन बातचीत कराने की कोशिश की जाती है और इसी दौरान कोई व्यक्ति वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह उनके खिलाफ मामला तैयार करने की कोशिश की जा रही है। अपने भाषण में उन्होंने विरोधियों पर उन्हें धारा 376 के मामले में उलझाने की साजिश का आरोप लगाया।
महिलाओं की मौजूदगी वाली सभा में बयान
विधायक ने यह बयान ऐसी सभा में दिया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और समाज के लोग मौजूद थे। महिलाओं को लेकर विधायक की भाषा और लगाए गए आरोप अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। हालांकि, विधायक की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
पहले भी विवादों में रहे विधायक
प्रीतम सिंह लोधी इससे पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। हाल ही में शिवपुरी के करैरा में आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे कथित तौर पर कृष्णवंशियों को संबोधित करते हुए ‘99 गलती के बाद रुक जाना’ जैसी बात कहते नजर आए थे।
वायरल वीडियो पर दी थी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद विधायक ने वीडियो जारी कर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि उनके बयान को जिस तरह से प्रचारित किया जा रहा है, वह सही नहीं है। विधायक का दावा था कि उनके शब्दों का संदर्भ अलग था और बयान को तोड़-मरोड़कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।
नए बयान के बाद फिर चर्चा में
अब डाक बंगले और महिलाओं को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद प्रीतम लोधी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनके बयान ने राजनीतिक बहस के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज कर दी है। फिलहाल विधायक के आरोपों पर उनके विरोधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।