उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने पर प्रशासन, शहर काजी और मस्जिद प्रबंधन समिति के बीच सहमति बन गई है। सहमति के बाद मंगलवार सुबह से प्रभावित हिस्से को हटाने का काम दोबारा शुरू किया जाएगा। हालांकि अंतिम सीमा को लेकर चर्चा अभी जारी है।
करीब 3 फीट हिस्सा हटाने पर सहमति
मस्जिद प्रबंधन समिति के सदस्य फहीम सिकंदर के अनुसार सभी पक्षों के बीच बातचीत के बाद शांतिपूर्वक कार्रवाई पर सहमति बनी है। मुस्लिम समाज सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण का सम्मान करते हुए सहयोग कर रहा है। फिलहाल करीब 3 फीट हिस्सा हटाने पर सहमति बनी है।
लोगों ने खुद शुरू किया हिस्सा हटाना
फहीम सिकंदर ने बताया कि प्रशासन की ओर से शुरुआत में तोड़फोड़ के लिए मशीनें नहीं लाई गई थीं। इसके बाद समुदाय के लोगों ने खुद प्रभावित दीवार का हिस्सा हटाना शुरू किया। वहीं मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप पाठक के अनुसार पहले करीब 9.5 फीट हिस्सा हटाने की बात कही गई थी, लेकिन समझौते के तहत करीब 3 फीट पर सहमति बनी है।
पथराव के बाद बातचीत से शांत हुआ मामला
मस्जिद का हिस्सा हटाने को लेकर सोमवार को कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी थी। विरोध कर रही भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर किया। बाद में वरिष्ठ लोगों और प्रशासन के बीच बातचीत के बाद स्थिति शांत हुई।
कार्रवाई पूरी होने में लगेंगे 7 से 8 दिन
कमेटी के मुताबिक प्रभावित हिस्से को हटाने में करीब 7 से 8 दिन का समय लग सकता है। जरूरत पड़ने पर मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। मंगलवार सुबह काम शुरू होने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी जाएगी।
हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं का किया निपटारा
मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सोमवार को शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने से जुड़ी दो रिट अपीलों का निपटारा किया। कोर्ट ने नगर निगम और मस्जिद प्रबंधन के बीच हुए समझौते के आधार पर दोनों पक्षों को शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।