गुजरात में तापी नर्मदा नदी लिंक परियोजना का विरोध: आदिवासी बोले - नहीं चाहिए मुहावजा

tapi-narmada-river-link-project-tribal-protest-gujarat

गुजरात में तापी नर्मदा नदी लिंक परियोजना का विरोध: आदिवासी बोले - नहीं चाहिए मुहावजा

गुजरात में तापी नर्मदा नदी लिंक परियोजना का विरोध आदिवासी बोले - नहीं चाहिए मुहावजा

Tapi Narmada project tribal protest: गुजरात के वलसाड जिले के धरमपुर में पार-तापी-नर्मदा नदी लिंक परियोजना के विरोध में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बांध हटाओ समिति के नेतृत्व में उमरगाम से अंबाजी तक के आदिवासी क्षेत्रों से हजारों लोग शामिल हुए। आदिवासी समुदाय ने इस परियोजना को अपनी संस्कृति, आजीविका और पुश्तैनी जमीनों के लिए खतरा बताते हुए इसे पूरी तरह रद्द करने की मांग की। रैली में वांसदा के विधायक अनंत पटेल और कांग्रेस नेता अमित चावड़ा सहित कई स्थानीय नेता भी शामिल हुए, जिन्होंने आदिवासियों के हक की लड़ाई को समर्थन दिया।

[caption id="attachment_99870" align="alignnone" width="412"]गुजरात में तापी नर्मदा नदी लिंक परियोजना का विरोध गुजरात में तापी नर्मदा नदी लिंक परियोजना का विरोध[/caption]

कच्छ, मुंबई तक जाएगा पानी

पार-तापी-नर्मदा नदी लिंक परियोजना का उद्देश्य पार, तापी और नर्मदा नदियों को जोड़कर पश्चिमी घाट के जल अधिशेष क्षेत्रों से सौराष्ट्र और कच्छ जैसे जल-कमी वाले क्षेत्रों में पानी पहुंचाना है। इस परियोजना में नौ बांधों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें नासिक (महाराष्ट्र) में जरी बांध, धरमपुर में मोहना कवचडी और पैखेड बांध, चासमदवा और चिकर बांध, वघई में डबदार बांध, और व्यारा में केलवन बांध शामिल हैं। 

5 लाख लोग होंगे विस्थापित

विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार, यह परियोजना 118 गांवों को जलमग्न कर देगी, जिससे लगभग पांच लाख लोग, मुख्य रूप से आदिवासी, विस्थापित होंगे। आदिवासियों का कहना है कि यह परियोजना उनकी पुश्तैनी जमीनों, जंगलों और आजीविका को नष्ट कर देगी। [caption id="attachment_99871" align="alignnone" width="457"]5 लाख लोग होंगे विस्थापित 5 लाख लोग होंगे विस्थापित[/caption]

Tapi Narmada project tribal protest: नहीं चाहिए मुहावजा

आदिवासी समुदाय इस परियोजना को अपनी पहचान और अस्तित्व के लिए खतरा मानता है। रैली में शामिल एक आदिवासी नेता ने कहा, “एक-दो लाख का मुआवजा हमें नहीं चाहिए, हम बांध ही नहीं चाहते।” उनका कहना है कि सरकार का यह दावा कि पानी मुंबई, सौराष्ट्र और कच्छ के लिए जरूरी है, उनके विस्थापन और सांस्कृतिक नुकसान को उचित नहीं ठहराता। आदिवासियों का कहना है कि वे पानी साझा करने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अपनी जमीन और घरों को खोने के लिए तैयार नहीं हैं। बांध हटाओ समिति ने परियोजना को स्थायी रूप से रद्द करने और इस संबंध में एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।

सरकार पर आरोप

यह परियोजना पहले भी विवादों में रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसे रद्द करने की घोषणा की थी, लेकिन हाल ही में डीपीआर के लोकसभा में पेश होने की खबरों ने आदिवासियों में आक्रोश पैदा किया। कांग्रेस विधायक अनंत पटेल ने बीजेपी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी सांसद धवल पटेल ने दावा किया कि परियोजना को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने रद्द कर दिया है। हालांकि, आदिवासियों का बीजेपी सरकार पर भरोसा नहीं है, और उन्होंने विरोध को तेज करने का फैसला किया है।

परियोजना रद्द करने की मांग

Tapi Narmada project tribal protest: रैली के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। धरमपुर पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर एसजे परमार के अनुसार, रैली में वलसाड, डांग, नवसारी, महाराष्ट्र और दादरा नगर हवेली से 4,000-4,500 लोग शामिल हुए, और यह शांतिपूर्ण रही। पार-तापी-नर्मदा लिंक परियोजना हटाओ संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि वलसाड के बाद तापी और डांग में भी इसी तरह की रैलियां आयोजित की जाएंगी। आदिवासी नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक परियोजना पूरी तरह रद्द नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।

संबंधित सामग्री

स्लीमनाबाद टनल उद्घाटन से 1500 गांवों को मिलेगी सिंचाई सुविधा

राज्य

स्लीमनाबाद टनल उद्घाटन से 1500 गांवों को मिलेगी सिंचाई सुविधा

मध्यप्रदेश में स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन जल्द होने वाला है, जिससे 1500 गांवों की लगभग ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

देश-विदेश

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

कोटा में ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए महिलाओं की गोपनीयता में दखल देने का मामला सामने आया है, पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

हिमाचल के CBSE स्कूलों में जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती, 30 जून तक नियुक्त होंगे योग व संगीत शिक्षक: सीएम सुक्खू

राज्य

हिमाचल के CBSE स्कूलों में जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती, 30 जून तक नियुक्त होंगे योग व संगीत शिक्षक: सीएम सुक्खू

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नए शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया।

झारखण्ड सीएम सोरेन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन का मामला हुआ खारिज

राज्य

झारखण्ड सीएम सोरेन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन का मामला हुआ खारिज

झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ 2014 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी FIR को निरस्त कर उन्हें बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है।

सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के प्रतिबंध को हटाया, नए कनेक्शन पर राहत नहीं

देश-विदेश

सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के प्रतिबंध को हटाया, नए कनेक्शन पर राहत नहीं

केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के वितरण पर लगाई गई रोक हटा दी है, जिससे वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को राहत मिलेगी।