रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 के बाहर अधिकारी विश्राम गृह के सामने बुधवार सुबह एक वाहन में ड्राइवर का शव मिलने से सनसनी फैल गई। वाहन मालिक प्रेमसिंह करीब 10:15 बजे अपनी कार के पास पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने वाहन की बीच वाली सीट पर ड्राइवर हेमंत पिता दातार सिंह का शव पड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना जीआरपी को दी। सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और वाहन की जांच शुरू की।
कार के अंदर मिले सल्फास के तीन पाउच
जीआरपी ने वाहन की तलाशी ली तो बीच वाली सीट पर हेमंत का शव अंडरवियर में मिला। कार के अंदर उसके कपड़े, पानी की बोतल और सल्फास पाउडर के तीन पाउच भी बरामद हुए। वाहन के अंदर और बाहर उल्टी के निशान भी मिले हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रारंभिक जांच में जहरीला पदार्थ खाने से मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
तीन दिन से घर नहीं गया था हेमंत
प्रारंभिक जांच में हेमंत के पारिवारिक विवाद की बात भी सामने आई है। उसकी पत्नी ने जीआरपी को बताया कि हेमंत पिछले तीन दिनों से घर नहीं गया था। चूंकि वाहन रेलवे में अटैच था, इसलिए वह अक्सर ड्राइविंग के काम से बाहर रहता था। वाहन मालिक प्रेमसिंह ने बताया कि उनकी गाड़ियां रेलवे में अटैच हैं और हेमंत पिछले करीब तीन साल से उनकी गाड़ी चला रहा था।
जीआरपी ने शुरू की पूरे मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार, जीआरपी चौकी प्रभारी रामपाल इवने और एसएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल मौके पर पहुंचे। शव की शिनाख्त होने के बाद हेमंत की पत्नी, मां और अन्य परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। जांच के बाद करीब 11:15 बजे शव को ऑटो रिक्शा से मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जहरीला पदार्थ खाने की बात सामने आई है। कार से जहरीले पदार्थ के पाउच भी मिले हैं। मामले में मर्ग कायम कर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।