हरियाणा के महेंद्रगढ़ शहर में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदाम में गेहूं का वजन बढ़ाने के लिए उस पर पानी का छिड़काव किए जाने की शिकायत ने हड़कंप मचा दिया। शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री फ्लाइंग ने मंगलवार को अचानक गोदाम पर छापा मारा। जांच के दौरान गेहूं की बोरियों में निर्धारित सीमा से अधिक नमी मिलने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई। मामले में खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक प्रवीण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
गोदाम में मिली 80-90 फीट लंबी पानी की पाइप
मुख्यमंत्री फ्लाइंग के SI सुनील कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम ने शहर स्थित गोदाम नंबर-1 की जांच की। निरीक्षण के दौरान वहां करीब 80 से 90 फीट लंबी पानी की पाइप बिछी हुई मिली। टीम को शिकायत मिली थी कि इसी पाइप के जरिए गेहूं पर पानी का छिड़काव किया जाता है, जिससे उसकी नमी और वजन बढ़ाया जा सके।
जांच के दौरान गेहूं की कुछ बोरियों में नमी का स्तर सामान्य से काफी अधिक पाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, गेहूं में निर्धारित नमी की मात्रा 12 से 14 फीसदी के बीच होनी चाहिए। हालांकि, जांच में कुछ बोरियों में नमी 18.5 फीसदी तक दर्ज की गई।
50.580 किलो की जगह 53.700 किलो तक मिला वजन

जांच में गेहूं की बोरियों के वजन को लेकर भी अंतर सामने आया। निर्धारित वजन 50.580 किलोग्राम के मुकाबले कुछ बोरियों का वजन 53.700 किलोग्राम तक पाया गया।
CM फ्लाइंग और विभागीय टीम ने मौके पर मिले तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट के आधार पर चंडीगढ़ स्थित विभागीय मुख्यालय ने खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक प्रवीण कुमार को निलंबित करने का आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि में मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे
निलंबन के दौरान प्रवीण कुमार को विभागीय मुख्यालय से संबद्ध रखा गया है। इसके साथ ही उन्हें सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना स्टेशन छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।

CM फ्लाइंग की इस कार्रवाई के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के गोदामों में अनाज के रखरखाव और वजन को लेकर निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। फिलहाल जांच में सामने आए तथ्यों और विभागीय कार्रवाई के बाद मामले में आगे की प्रक्रिया जारी है।