जबलपुर।कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय चौहान द्वारा दायर मानहानि मामले में राहुल गांधी ने अपने बयान पर लिखित रूप से खेद व्यक्त किया, जिसे कार्तिकेय चौहान ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति और बयान के आधार पर हाईकोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए केस बंद कर दिया।
इस संबंध में खेद भी व्यक्त किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में जस्टिस प्रमोद अग्रवाल की एकलपीठ ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कार्तिकेय चौहान की ओर से उनके वकील ने लिखित जवाब प्रस्तुत किया, जिसमें मामले को समाप्त करने की प्रार्थना की गई थी। वकील ने अदालत को बताया कि राहुल गांधी ने अपने पूर्व बयान को गलतफहमी में दिया गया बताया है और इस संबंध में खेद भी व्यक्त किया है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी के खिलाफ भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का मुकदमा चल रहा था। इस मामले में निचली अदालत द्वारा राहुल गांधी को समन भी जारी किया जा चुका था। इसके बाद राहुल गांधी ने इस कार्रवाई को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
मानहानि का मामला दर्ज
यह पूरा मामला वर्ष 2018 का है। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक जनसभा में राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स मामले का उल्लेख करते हुए कार्तिकेय चौहान का नाम लिया था। इसके बाद कार्तिकेय चौहान ने इसे अपनी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए मानहानि का मामला दर्ज कराया था।
अब राहुल गांधी द्वारा लिखित खेद व्यक्त किए जाने और कार्तिकेय चौहान की सहमति के बाद हाईकोर्ट ने मामले को समाप्त कर दिया है। इस फैसले के साथ लंबे समय से चल रहे इस कानूनी विवाद का पटाक्षेप हो गया।