पंजाब में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों तक हिमाचल प्रदेश से बिजली खरीदने का फैसला किया है। इस संबंध में दोनों राज्यों के बीच जल्द ही पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चंडीगढ़ में आयोजित टीआईई चंडीगढ़ लीडरशिप कॉन्क्लेव के दौरान इस समझौते की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब को पीक सीजन में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, जबकि हिमाचल प्रदेश को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
बातचीत से सुलझेंगे लंबित विवाद
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि बिजली खरीद समझौते के साथ-साथ पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच लंबे समय से लंबित विभिन्न मुद्दों और मतभेदों को भी आपसी बातचीत के जरिए सुलझाने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के संबंध हमेशा सकारात्मक रहे हैं और भविष्य में भी सहयोग और संवाद के माध्यम से हर विवाद का समाधान निकाला जाएगा।
पंजाब हमारा बड़ा भाई' बोले सीएम सुक्खू
मुख्यमंत्री सुक्खू ने पंजाब और हिमाचल के रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब, हिमाचल का बड़ा भाई है। बड़े भाई के साथ समय-समय पर कुछ मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन सभी विवाद बातचीत और आपसी विश्वास के जरिए सुलझाए जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि समझौते के तहत पंजाब कितनी बिजली खरीदेगा और इसकी दरें क्या होंगी।
हिमाचल के पास है भरपूर जलविद्युत क्षमता
हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख जलविद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है। राज्य में 170 से अधिक बड़ी, मध्यम और छोटी जलविद्युत परियोजनाएं संचालित हैं। हिमाचल की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 12,000 मेगावाट है, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा जलविद्युत परियोजनाओं का है। इसके अलावा राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बिजली उत्पादन और बढ़ने की संभावना है।
पंजाब में क्यों बढ़ती है बिजली की मांग?
पंजाब में गर्मियों और धान की बुआई के मौसम के दौरान बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है। राज्य के पास थर्मल पावर, केंद्रीय पूल और नवीकरणीय ऊर्जा के पर्याप्त स्रोत मौजूद हैं, लेकिन पीक सीजन में मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में हिमाचल से बिजली खरीदने का यह समझौता पंजाब के लिए राहत देने वाला कदम माना जा रहा है।