पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'खेडां वतन पंजाब दियां' के चौथे संस्करण (सीजन-4) का शेड्यूल जारी कर दिया है। राज्य में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने और युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट करने के उद्देश्य से यह खेल महाकुंभ 5 सितंबर से 29 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में भव्य उद्घाटन के साथ शुरू होने वाला यह आयोजन पटियाला में समापन समारोह के साथ संपन्न होगा। इस वर्ष 10 लाख से अधिक प्रतिभागियों को मैदान में उतारने का लक्ष्य रखा गया है।
38 खेल विधाएं और 9 आयु वर्ग
इस खेल उत्सव में 14 वर्ष से लेकर 70 वर्ष से अधिक आयु तक के खिलाड़ियों के लिए नौ अलग-अलग आयु वर्ग तय किए गए हैं। प्रतियोगिता में कुल 38 खेल विधाएं शामिल होंगी। विशेष रूप से, 4 पैरा खेल—पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग, पैरा बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल—भी इसका हिस्सा होंगे।इसके अलावा, इस बार लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए टेनिस बॉल क्रिकेट को पहली बार प्रदर्शन खेल (डेमो गेम) के रूप में शामिल किया गया है। 12 अगस्त से शुरू हुआ मशाल मार्च (टॉर्च रिले) पंजाब के सभी जिलों से होता हुआ 5 सितंबर को बठिंडा पहुंचेगा।तीन चरणों में राज्य स्तरीय मुकाबले और
आसान पंजीकरण
ये प्रतियोगिताएं ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित होंगी। राज्य स्तरीय मुकाबले 10 अक्टूबर से 23 नवंबर के बीच 16 जिलों में तीन चरणों में पूरे होंगे, जबकि लुधियाना में 25 से 28 नवंबर तक पैरा खेल आयोजित किए जाएंगे। खिलाड़ियों की सुविधा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क और सरल रखी गई है। खेल विभाग ने पहली बार कोड-आधारित पंजीकरण प्रणाली और समर्पित ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की है, जिससे खिलाड़ी कहीं से भी आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
ऐतिहासिक बजट, नकद पुरस्कार
राज्य सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए पहली बार 1,794 करोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित किया है। इसके तहत गांवों में 3,148 खेल मैदान और 6,000 जिम विकसित किए जा रहे हैं। राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक विजेताओं को 10,000 रुपये, रजत पदक विजेताओं को 7,000 रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 5,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। 40 वर्ष तक की आयु के पदक विजेताओं को ग्रेडेशन प्रमाण-पत्र भी मिलेंगे, जिससे उन्हें सरकारी नौकरियों में खेल कोटे का लाभ मिलेगा।
खिलाड़ियों का प्रोत्साहन और पंजाब का गौरव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए पंजाब सरकार ओलंपिक की तैयारी हेतु 15 लाख रुपये तथा एशियाई/राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दे रही है। हाल ही में 85 खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया है और 11 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को पीसीएस/डीएसपी जैसे पदों पर नियुक्त किया गया है।
पंजाब के खिलाड़ियों ने 20 पदक
एशियाई खेल 2023 में पंजाब के खिलाड़ियों ने 20 पदक (8 स्वर्ण सहित) जीतकर 72 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। राज्य सरकार का यह प्रयास युवाओं को सामाजिक-आर्थिक विकास में भागीदार बनाकर पंजाब को पुनः देश का अग्रणी खेल राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।