सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए गढ़ मंदिर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ पुज...

priests-voice-encroachment-garh-temple-land

सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए गढ़ मंदिर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ पुजारियों की मुखर आवाज़,व्यापक आंदोलन की तैयारी

सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए गढ़ मंदिर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ पुजारियों की मुखर आवाज़व्यापक आंदोलन की तैयारी

राजस्थान के गढ़ मंदिरों की भूमि पर लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जों को लेकर पुजारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ये मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि इतिहास, संस्कृति और आस्था का प्रतीक हैं। इन पवित्र स्थलों की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर पुजारियों ने जयपुर में शहीद स्मारक पर जोरदार धरना दिया और सरकार व प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन छेडेंगे।

गढ़ मंदिरों की भूमि की सुरक्षा पर पुजारियों का आक्रोश

राष्ट्रीय गढ़ मंदिर संघ और राष्ट्रीय मठ मंदिर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कई जगहों पर मंदिरों की भूमि पर कालोनियां बसाई जा रही हैं और व्यावसायिक निर्माण कार्य हो रहे हैं। हालांकि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुजारियों पर कई बार झूठे मुकदमे दर्ज करने व उत्पीड़न की भी घटनाएं सामने आई हैं।

READ MORE : बेटे ने मां की हत्या की..Video, पिता-बहन बचाने की कोशिश करते रहे, बेहोश होने पर भी बरसाएं मुक्के

पुजारियों की मांगें और चेतावनी

पुजारियों ने मांग की है कि प्रदेश के सभी गढ़ मंदिरों की भूमि को सरकारी अभिलेखों में सही दर्ज किया जाए, भू-अतिक्रमण हटाया जाए और पुजारियों को सुरक्षा दी जाए। साथ ही धार्मिक परंपराओं और सेवाओं की रक्षा के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि मंदिरों की भूमि की सुरक्षा और संरक्षण सिर्फ धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

प्रदेशव्यापी आंदोलन की संभावना

धरने में शामिल पदाधिकारियों ने साफ कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की तो पुजारी पूरे प्रदेश में आंदोलन करेंगे। सभी मंदिरों से जुड़े पुजारी और पदाधिकारी एकजुट होकर इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। यह आंदोलन केवल मंदिर भूमि की रक्षा की लड़ाई नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत की रक्षा की लड़ाई होगी।

मंदिरों की भूमि पर कब्जे का मुद्दा सिर्फ राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश का संवेदनशील विषय बन चुका है। सरकार और प्रशासन की निष्क्रियता के कारण पुजारियों और स्थानीय समुदाय में गहरा रोष है। समय रहते प्रभावी कार्रवाई न हुई तो धार्मिक और सामाजिक तनाव बढ़ने की संभावना बढ़ जाएगी। इसलिए मंदिर भूमि की सुरक्षा और पुजारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाना नितांत आवश्यक है।

संबंधित सामग्री

स्लीमनाबाद टनल उद्घाटन से 1500 गांवों को मिलेगी सिंचाई सुविधा

राज्य

स्लीमनाबाद टनल उद्घाटन से 1500 गांवों को मिलेगी सिंचाई सुविधा

मध्यप्रदेश में स्लीमनाबाद टनल का उद्घाटन जल्द होने वाला है, जिससे 1500 गांवों की लगभग ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

देश-विदेश

कोटा में कथित ऑनलाइन नेटवर्क का खुलासा, हिन्दू महिलाओं को निशाना बनाने के आरोप; पाकिस्तान लिंक की भी जांच

कोटा में ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए महिलाओं की गोपनीयता में दखल देने का मामला सामने आया है, पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।

हिमाचल के CBSE स्कूलों में जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती, 30 जून तक नियुक्त होंगे योग व संगीत शिक्षक: सीएम सुक्खू

राज्य

हिमाचल के CBSE स्कूलों में जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती, 30 जून तक नियुक्त होंगे योग व संगीत शिक्षक: सीएम सुक्खू

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नए शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया।

झारखण्ड सीएम सोरेन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन का मामला हुआ खारिज

राज्य

झारखण्ड सीएम सोरेन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, आचार संहिता उल्लंघन का मामला हुआ खारिज

झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ 2014 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी FIR को निरस्त कर उन्हें बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है।

सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के प्रतिबंध को हटाया, नए कनेक्शन पर राहत नहीं

देश-विदेश

सरकार ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के प्रतिबंध को हटाया, नए कनेक्शन पर राहत नहीं

केन्द्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के वितरण पर लगाई गई रोक हटा दी है, जिससे वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को राहत मिलेगी।