पटना में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। लघु जल संसाधन विभाग के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर राजेंद्र कुमार के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। SVU की अलग-अलग टीमें पटना और छपरा में जांच कर रही हैं। राजेंद्र कुमार फिलहाल लघु जल संसाधन विभाग के छपरा अंचल में अधीक्षण अभियंता के पद पर तैनात हैं। उनके खिलाफ 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। इसी केस की जांच के तहत उनके ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। टीम पटना स्थित लघु जल संसाधन विभाग के कार्यालय भी पहुंची है। इसके अलावा छपरा स्थित उनके कार्यालय में भी दस्तावेज और दूसरे रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
मुंबई की जमीन
जांच के दौरान राजेंद्र कुमार की मुंबई के पनवेल इलाके में खरीदी गई जमीन भी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने हाल ही में करीब 75 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इसकी कीमत लगभग 1.75 करोड़ रुपए बताई जा रही है। SVU की टीम जमीन की खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि जमीन खरीदने में इस्तेमाल रकम का स्रोत क्या था।
शिकायत का कनेक्शन
SVU की यह कार्रवाई तीन दिन पहले हुई दो गिरफ्तारियों से भी जुड़ी बताई जा रही है। राजेंद्र कुमार ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) में शिकायत की थी कि कुछ लोग खुद को EOU का अधिकारी बताकर उन्हें फोन कर रहे हैं और जांच की फाइल को लेकर धमका रहे हैं। शिकायत के बाद EOU ने महावीर कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार अमित कुमार और उसके ड्राइवर मंजीत कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि दोनों राजेंद्र कुमार से पैसे की मांग कर रहे थे। बताया जा रहा है कि अमित कुमार और मंजीत कुमार सिंह ने ही राजेंद्र कुमार के खिलाफ SVU में शिकायत की थी। इसके बाद SVU ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की।
गया में ED की रेड
इधर, गया और बोधगया में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी शुक्रवार को कार्रवाई की। बैंक लोन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ED की टीम ने रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। कंपनी के निदेशक अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत व नितेश से जुड़े परिसरों पर भी टीम पहुंची। ED ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की है। तलाशी के दौरान टीम ने कंपनी से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़ी जानकारी खंगाली। मामले में आगे की जांच जारी है।