प्रयागराज में उत्तर मध्य रेलवे के DRM कार्यालय में गुरुवार शाम CBI ने छापा मारा। कार्रवाई के दौरान सहायक कार्मिक अधिकारी (APO) अरविंद कुमार और कार्यालय अधीक्षक राजेश मणि त्रिपाठी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया। दोनों को हिरासत में लेने के बाद CBI ने कार्यालय में भी जांच की।
लोको पायलट से घूस
मामला कानपुर में तैनात एक लोको पायलट के ट्रांसफर से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि ट्रांसफर से संबंधित काम कराने के बदले उससे 50 हजार रुपये मांगे गए थे। लोको पायलट ने CBI के लखनऊ कार्यालय में इसकी शिकायत की थी।
ऐसे पकड़े गए
शिकायत के बाद CBI ने कार्रवाई की योजना बनाई। गुरुवार शाम शिकायतकर्ता 50 हजार रुपये लेकर प्रयागराज मंडल कार्यालय पहुंचा। वहां उसकी मुलाकात APO अरविंद कुमार और कार्यालय अधीक्षक राजेश मणि त्रिपाठी से हुई। आरोप है कि जैसे ही दोनों ने रिश्वत की रकम ली, पहले से निगरानी कर रही CBI टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
ऑफिस में छानबीन
कार्रवाई के बाद DRM कार्यालय में काफी देर तक हलचल रही। CBI टीम ने ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड भी खंगाले। कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए जाने की बात सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आगे की जांच
अब CBI यह पता लगाएगी कि रिश्वत की मांग किस स्तर पर हुई थी और ट्रांसफर के मामले में दोनों कर्मचारियों की क्या भूमिका थी। जांच में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि CBI की कार्रवाई की जानकारी मिली है। हालांकि देर रात तक रेलवे प्रशासन को CBI की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी।