मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में RE-2 यानी रिंग रोड एक्सटेंशन-2 को लेकर बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। पिछले करीब तीन साल से सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने अभियान तेज कर दिया है। बंगाली चौराहे से पिपलियाना के बीच सड़क निर्माण में बाधा बन रहे 300 से अधिक मकानों और अन्य निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। इस मार्ग की कनेक्टिविटी लंबे समय से अटकी हुई थी, जिसके कारण शहर के इस महत्वपूर्ण हिस्से में यातायात व्यवस्था को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब प्रशासन का लक्ष्य बाधक निर्माणों को हटाकर सड़क निर्माण का काम जल्द पूरा करना है। अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर बुलडोजर और अन्य संसाधनों के जरिए कार्रवाई की जा रही है। माना जा रहा है कि इस हिस्से के तैयार होने के बाद शहर के कई इलाकों के बीच आवागमन आसान होगा और लोगों को ट्रैफिक से राहत मिल सकती है।
बंगाली से पिपलियाना के बीच कार्रवाई
प्रशासन की कार्रवाई बंगाली चौराहे से पिपलियाना के बीच करीब एक किलोमीटर लंबे हिस्से में की जा रही है। इस हिस्से को सड़क निर्माण के लिए पूरी तरह बाधामुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्रवाई की जद में पिपलियाना-शेरकांकड़, शिवनगर और शिव दर्शन नगर क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं। पिपलियाना-शेरकांकड़ इलाके में 70 से ज्यादा मकान प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं शिवनगर में करीब 115 मकानों को चिन्हित किया गया है। शिव दर्शन नगर क्षेत्र में लगभग 72 आवासों पर कार्रवाई की जा रही है। इन इलाकों में मकानों के साथ सड़क निर्माण में बाधा बन रहे अन्य निर्माणों को भी हटाया जा रहा है। प्रशासन की टीम पूरे इलाके में कार्रवाई को अंजाम दे रही है। बड़ी संख्या में निर्माण हटाए जाने के चलते क्षेत्र में लोगों की आवाजाही और गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई
RE-2 सड़क मार्ग से बाधाएं हटाने के लिए प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए हैं। संभावित विरोध या किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जिला प्रशासन और नगर निगम का अमला भी मौके पर मौजूद है। अधिकारियों की निगरानी में बुलडोजर के जरिए चिन्हित निर्माणों को हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान प्रशासन की टीमें अलग-अलग हिस्सों में काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण में जो भी बाधाएं हैं, उन्हें हटाने के बाद संबंधित हिस्से में निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। लंबे समय से अटकी परियोजना को गति देने के लिए यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि अभियान को व्यवस्थित तरीके से पूरा कर सड़क निर्माण के काम को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।
300 से ज्यादा परिवारों के मकान प्रभावित
इस कार्रवाई में करीब 300 परिवारों के मकान और अन्य निर्माण प्रभावित हो रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में चिन्हित किए गए निर्माणों को हटाने का काम प्रशासनिक निगरानी में किया जा रहा है। पिपलियाना-शेरकांकड़ में 70 से अधिक, शिवनगर में करीब 115 और शिव दर्शन नगर में लगभग 72 मकानों पर कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा सड़क निर्माण में बाधा बन रहे अन्य निर्माण भी हटाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि इन बाधाओं के दूर होने के बाद RE-2 के इस हिस्से का निर्माण आगे बढ़ाया जा सकेगा। करीब तीन साल से कनेक्टिविटी के अटके होने के कारण इस मार्ग को लेकर लगातार इंतजार किया जा रहा था। अब कार्रवाई शुरू होने के बाद सड़क परियोजना को पूरा करने की उम्मीद बढ़ गई है।
कनेक्टिविटी पूरी होने से ट्रैफिक को मिलेगी राहत
RE-2 के इस महत्वपूर्ण हिस्से की कनेक्टिविटी पूरी होने के बाद इंदौर के कई प्रमुख इलाकों के बीच आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है। सड़क निर्माण पूरा होने से मौजूदा मार्गों पर यातायात का दबाव कम हो सकता है और वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा। प्रशासन का कहना है कि बाधक निर्माणों को हटाने के बाद सड़क निर्माण का काम तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। पिछले तीन वर्षों से अटकी कनेक्टिविटी को पूरा करना शहर के ट्रैफिक प्रबंधन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल मौके पर कार्रवाई जारी है और प्रशासनिक अमला पूरे अभियान की निगरानी कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बाधाएं हटने के बाद सड़क निर्माण कितनी तेजी से पूरा होता है और शहरवासियों को RE-2 की कनेक्टिविटी का लाभ कब तक मिल पाता है।