कांग्रेस ने जानबूझकर हार के डर से प्रत्याशी के फॉर्म में गलती की-CM डॉ यादव

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

कांग्रेस ने जानबूझकर हार के डर से प्रत्याशी के फॉर्म में गलती की-CM डॉ यादव

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन पत्र निरस्त होने से राजनीतिक वातावरण में तनाव बढ़ा।

कांग्रेस ने जानबूझकर हार के डर से प्रत्याशी के  फॉर्म में गलती की-cm डॉ यादव

मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने हार के डर से जानबूझकर नामांकन पत्र में त्रुटियां कीं, जिसके कारण यह स्थिति पैदा हुई।

लंबे राजनीतिक अनुभव रखते

भाजपा नेताओं ने कहा कि जिस सीट पर चुनाव हो रहा था, उस पर कांग्रेस के कई नेताओं की नजर थी और पार्टी के भीतर ही असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब कोई पंच या सरपंच चुनाव लड़ता है तो वह भी नामांकन पत्र में सभी जरूरी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरता है, लेकिन कांग्रेस ऐसे नेताओं का नामांकन भी सही तरीके से दाखिल नहीं कर पाई जो कई बार चुनाव लड़ चुके हैं और लंबे राजनीतिक अनुभव रखते हैं।

संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाता

भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं था, इसलिए उन्हें विशेष प्रबंधों के तहत इधर-उधर ले जाया जा रहा था। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने संगठन और आंतरिक हालात पर नजर डालनी चाहिए। यदि पार्टी अपने प्रत्याशी का नामांकन पत्र तक सही ढंग से दाखिल नहीं करवा पा रही है, तो यह उसकी संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाता है।

जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता

भाजपा ने कहा कि यदि कांग्रेस के अपने लोग ही अपने प्रत्याशी को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, तो इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भाजपा ने अपने प्रत्याशी महेश केवट का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी ने एक सामान्य कार्यकर्ता को अवसर दिया है, जो भाजपा की कार्यकर्ता आधारित राजनीति को दर्शाता है।

इसी मजबूती के साथ काम करती रहेगी

साथ ही भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह मामला किसी महिला प्रत्याशी होने या नारी वंदन से जुड़ा नहीं है। उनका कहना है कि प्रत्याशी चयन के दौरान योग्यता, परिस्थितियां और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जाता है। भाजपा ने दावा किया कि पार्टी पूरी एकजुटता के साथ चुनावी मैदान में है और आगे भी इसी मजबूती के साथ काम करती रहेगी।
 

संबंधित सामग्री

जन-कल्याण के लिए 2300 करोड़ स्वीकृत, जानें सीएम डॉ. मोहन की कैबिनेट ने क्या-क्या लिए फैसले?

राज्य

जन-कल्याण के लिए 2300 करोड़ स्वीकृत, जानें सीएम डॉ. मोहन की कैबिनेट ने क्या-क्या लिए फैसले?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने विज्ञान, तकनीकी और शिक्षा विभागों सहित विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी 272 करोड़ की यूनिट की सौगात, बदल जाएगी एमपी की सूरत

राज्य

सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी 272 करोड़ की यूनिट की सौगात, बदल जाएगी एमपी की सूरत

मध्यप्रदेश के पीथमपुर में लियुगोंग इंडिया के नये प्लांट का उद्घाटन हुआ, जिसमें 272 करोड़ की निवेश राशि लगी है। यह औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

एमपी में गेहूं खरीदी पर बड़ा सवाल: 16 जिलों से 86 हजार क्विंटल गेहूं गायब, जांच शुरू

राज्य

एमपी में गेहूं खरीदी पर बड़ा सवाल: 16 जिलों से 86 हजार क्विंटल गेहूं गायब, जांच शुरू

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए 86 हजार क्विंटल गेहूं के गायब होने का मामला सामने आया है, जिससे सरकारी खरीदी और भंडारण प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

मां बगलामुखी मंदिर में दान को लेकर विवाद, निजी खातों में चढ़ावा लेने के आरोपों की जांच शुरू

राज्य

मां बगलामुखी मंदिर में दान को लेकर विवाद, निजी खातों में चढ़ावा लेने के आरोपों की जांच शुरू

मध्य प्रदेश के विख्यात बगलामुखी मंदिर में दान-चढ़ावे के वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बाद जिला प्रशासन ने जांच की शुरुआत की है।

सीएम डॉ. मोहन ने 10 साल बाद दिया प्रमोशन, गदगद हुए कर्मचारी, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत

राज्य

सीएम डॉ. मोहन ने 10 साल बाद दिया प्रमोशन, गदगद हुए कर्मचारी, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दस साल बाद कर्मचारियों के लिए पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की, जिससे लाखों कर्मचारियों को लाभ होगा।