मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पिछले 36 घंटों से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में लगातार बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने बुधवार को 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजधानी भोपाल में मंगलवार देर रात से रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई है।
मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है
मौसम विभाग के अनुसार, शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और बड़वानी में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीहोर, विदिशा, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, शहडोल सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
335.3 मिमी (13.2 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के वर्षा आंकड़ों में भी सुधार देखने को मिला है। सोमवार तक जहां प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं मंगलवार तक यह कमी घटकर 14 प्रतिशत रह गई। अब तक प्रदेश में औसतन 286.8 मिमी (11.3 इंच) बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक 335.3 मिमी (13.2 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी।
14 जिलों में बारिश सामान्य
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 41 जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि देवास, भोपाल, इंदौर, सीहोर, उज्जैन, राजगढ़ और हरदा सहित 14 जिलों में बारिश सामान्य या उससे अधिक हुई है। देवास प्रदेश का सबसे अधिक वर्षा वाला जिला बना हुआ है, जहां अब तक करीब 18.4 इंच बारिश दर्ज की गई है।
यातायात प्रभावित होने की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। इससे कृषि और जलाशयों को लाभ मिलेगा, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी रहेगी।