शुगर मिल को पुनर्जीवन

CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा कदम, फिर शुरू होगी कैलारस शुगर मिल; जानें कब खुलेंगे टेंडर?

मध्यप्रदेश सरकार ने कैलारस शुगर मिल को फिर से शुरू करने के लिए ऑनलाइन प्रस्ताव आमंत्रित किए, जिससे क्षेत्रीय रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

By : सोनिया रायकवार
CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा कदम, फिर शुरू होगी कैलारस शुगर मिल; जानें कब खुलेंगे टेंडर?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार का जोर प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है। कैलारस शुगर मिल के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। भोपाल। मध्यप्रदेश में बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को दोबारा शुरू करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सरकार ने एक और कदम उठाया है। मुरैना जिले की कैलारस शुगर मिल को फिर से शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए एमएसएमई विभाग ने रुचि की अभिव्यक्ति यानी Expression of Interest (EOI) आमंत्रित की है।

15 सितंबर तक जमा होंगे प्रस्ताव

एमएसएमई विभाग के आयुक्त दिलीप कुमार के मुताबिक, मिल को शुरू करने के लिए इच्छुक कंपनियों से 15 सितंबर शाम 5 बजे तक ऑनलाइन प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। प्राप्त प्रस्तावों को 16 सितंबर को शाम 5 बजे खोला जाएगा। इससे पहले इच्छुक पक्ष 31 अगस्त और 1 सितंबर को सुबह 11 बजे से मिल की साइट विजिट कर सकेंगे। वहीं, मिल को लीज पर देने से संबंधित बैठक 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे विंध्याचल भवन की चौथी मंजिल स्थित मीटिंग हॉल में होगी। इच्छुक पक्ष अपने लिखित सवाल 7 सितंबर शाम 5 बजे तक जमा कर सकेंगे।

2025 में मिल की जमीन हस्तांतरित

कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया की नींव पिछले साल रखी गई थी। 19 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कैलारस चीनी मिल की जमीन एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया था। सरकार का उद्देश्य मिल के पुनरुद्धार के जरिए क्षेत्र में रोजगार, औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

‘जैसी है, जहां है’ के आधार पर मिलेगी लीज

एमएसएमई विभाग अब कैलारस शुगर मिल को ‘जैसी है, जहां है’ के आधार पर लीज पर देने की तैयारी कर रहा है। यानी इच्छुक कंपनी मौजूदा स्थिति और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर मिल का संचालन शुरू करने का प्रस्ताव दे सकती है। लीज की अवधि 30 वर्ष निर्धारित की गई है। संतोषजनक कार्य और निर्धारित शर्तों के आधार पर लीज अवधि को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

1,250 टन गन्ना प्रतिदिन पेराई की क्षमता

कैलारस शुगर मिल NH-552 पर स्थित है और कैलारस रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी 3 किलोमीटर से भी कम है। मिल की गन्ना पेराई क्षमता करीब 1,250 टन प्रतिदिन है। मिल की संपत्तियों में फैक्ट्री बिल्डिंग, प्लांट और मशीनरी, गोदाम, वर्कशॉप और करीब 12.86 हेक्टेयर भूमि शामिल है।

चीनी और संबंधित उत्पाद बनाने वाली कंपनियां 

शुगर और उससे जुड़े उप-उत्पादों के निर्माण में सक्षम कंपनियां इस प्रक्रिया में भाग ले सकती हैं। इच्छुक कंपनियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि कैलारस शुगर मिल को दोबारा उत्पादन में लाने के साथ क्षेत्र में गन्ना किसानों, श्रमिकों, कारोबारियों और स्थानीय युवाओं के लिए आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर बनेंगे। मिल के दोबारा शुरू होने से कैलारस और आसपास के क्षेत्रों की औद्योगिक तस्वीर बदलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

ऑनलाइन आवेदन

शुगर और संबंधित उप-उत्पादों के निर्माण में सक्षम कंपनियां www.mptenders.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। विस्तृत जानकारी http://mpmsme.gov.in पर उपलब्ध है। एमएसएमई आयुक्त सिंह ने बताया कि कैलारस शुगर मिल एनएच-552 पर, कैलारस रेलवे स्टेशन से 3 किमी से कम दूरी पर स्थित है। मिल की क्षमता प्रति दिन 1,250 गन्ना पेराई है। मिल की संपत्तियों में फैक्ट्री बिल्डिंग, प्लांट-मशीनरी, गोदाम, वर्कशॉप और 12.86 हेक्टेयर भूमि है। उन्होंने बताया कि लीज अवधि 30 वर्ष होगी। संतोषजनक कार्य के आधार पर यह अवधि बढ़ाई जा सकेगी।

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