उच्च शिक्षा में बढ़ी युवाओं की भागीदारी
भोपाल। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दो साल की देरी से ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) 2023-24 रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (GER) 29 प्रतिशत पहुंच गया है। यानी 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के हर 100 युवाओं में औसतन 29 युवा कॉलेज या विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। यह आंकड़ा बताता है कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की पहुंच लगातार बढ़ रही है।
बेटियों ने बेटों की बराबरी की
रिपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उच्च शिक्षा में अब बेटियां बेटों के बराबर पहुंच गई हैं। प्रदेश में छात्रों का GER 29 प्रतिशत जबकि छात्राओं का 29.1 प्रतिशत दर्ज किया गया है। छात्राओं का नामांकन छात्रों से थोड़ा अधिक होना इस बात का संकेत है कि बेटियों की उच्च शिक्षा में भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।
पांच साल में छह प्रतिशत बढ़ा GER
पिछले पांच वर्षों में मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा नामांकन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2019-20 में प्रदेश का GER 23 प्रतिशत था, जो बढ़कर 2023-24 में 29 प्रतिशत हो गया। इससे स्पष्ट है कि उच्च शिक्षा के प्रति युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ा है। उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे के मामले में भी मध्य प्रदेश मजबूत स्थिति में है। प्रदेश में 89 विश्वविद्यालय हैं, जिससे वह देश में पांचवें स्थान पर है। गुजरात 107 विश्वविद्यालयों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक भी शीर्ष राज्यों में शामिल हैं।
कॉलेजों की संख्या में भी मजबूत पकड़
कॉलेजों की संख्या के मामले में मध्य प्रदेश 2,713 कॉलेजों के साथ देश में छठे स्थान पर है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक इस सूची में आगे हैं। बड़ी संख्या में कॉलेज होने से प्रदेश के युवाओं को अपने क्षेत्र के आसपास ही उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
भोपाल बना शिक्षा का बड़ा केंद्र
राजधानी भोपाल देश के उन 10 जिलों में शामिल है, जहां सबसे अधिक कॉलेज संचालित हो रहे हैं। शहर में 327 कॉलेज हैं, जिसके आधार पर भोपाल देश में 10वें स्थान पर है। इससे राजधानी प्रदेश के प्रमुख शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रही है।
देश के टॉप-7 राज्यों में शामिल मध्य प्रदेश
AISHE रिपोर्ट के अनुसार छात्र नामांकन के मामले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, बिहार और राजस्थान देश के शीर्ष सात राज्यों में शामिल हैं। इन सात राज्यों में देश के कुल छात्र नामांकन का 59 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया है। यह उपलब्धि बताती है कि मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।