उज्जैन, देवास और इंदौर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे ज्यादा असर उज्जैन में देखने को मिल रहा है, जहां शिप्रा नदी उफान पर है और रामघाट के कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण घाटों पर बने छोटे-बड़े मंदिर पानी में डूब गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकनी पड़ी है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुलिस और होमगार्ड जवानों को तैनात कर दिया है, जो लोगों को नदी किनारे जाने से रोक रहे हैं।
खतरे को देखते हुए रुकने की सलाह दी
बड़नगर तहसील के गावड़ी लोधा गांव में बारिश के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ग्राम पंचायत के सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा बाइक से उफनती पुरानी पुलिया पार करने लगे, जबकि उनके साथी ने खतरे को देखते हुए रुकने की सलाह दी थी। तेज बहाव में वह बाइक समेत बह गए। घटना के कई घंटे बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
बारिश के चलते स्थिति पर नजर रखी जा रही
इसी तरह जगोटी-खेड़ा खजुरिया मार्ग पर भी एक युवक केशु आंजना बाइक समेत उफनती रपट पार करते समय बह गया, हालांकि उसने तैरकर झाड़ियों का सहारा लेकर अपनी जान बचा ली। उसकी बाइक बह गई।
उधर उज्जैन के 52 कुंड क्षेत्र में भी तेज बहाव देखने को मिला, जिससे हालात और गंभीर हो गए। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान किसी भी स्थिति में उफनते नदी-नालों, पुलिया और रपटों को पार करने का जोखिम न लें। वर्तमान में शिप्रा का जलस्तर सामान्य से ऊपर है, लेकिन लगातार बारिश के चलते स्थिति पर नजर रखी जा रही है।