मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ जिले के थांदला स्थित शासकीय महाविद्यालय मैदान में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में शामिल होकर जिले को ₹283 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात दी। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना और विकास योजनाओं को गति देना रहा।

प्रदेशभर के समूहों को ₹300 करोड़ का ऋण वितरण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के स्व-सहायता समूहों को कुल ₹300 करोड़ के ऋण का वितरण किया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके हैं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर परिवारों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार योजनाएं लागू कर रही है।
दिव्यांग हितग्राहियों को मिली मोटरसाइकिलें
मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से 13 दिव्यांग हितग्राहियों को विशेष रूप से अनुकूलित मोटरसाइकिलें भी वितरित कीं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है और उनके लिए शिक्षा, रोजगार तथा आवागमन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विकास प्रदर्शनी का किया अवलोकन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासोन्मुखी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, कृषि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। महिलाओं, किसानों, युवाओं और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के माध्यम से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।