उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। बक्शी का तालाब (बीकेटी), फैजुल्लागंज और लखनऊ उत्तर समेत कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीकेटी के ग्राम हरदा पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
हवाई सर्वेक्षण के बाद मौके पर पहुंचे CM योगी
जनपद लखनऊ एवं सीतापुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का आज हवाई सर्वेक्षण किया। साथ ही, बक्शी का तालाब तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावितों से भेंटकर उनका कुशल क्षेम जाना तथा उन्हें राहत सामग्री भी वितरित की। आपदा की घड़ी में @UPGovt प्रत्येक प्रभावित परिवार को हर प्रकार से सहयोग करने के लिए पूरी तत्परता के साथ खड़ी है। आपकी सुरक्षा हमारी प्रतिबद्धता है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 5, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद वह तहसील बक्शी का तालाब के ग्राम हरदा पहुंचे और जमीन पर हालात का जायजा लिया। सीएम ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री बांटी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 दिनों में उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई भारी बारिश का पानी नीचे आने से गोमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।
फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनाने के निर्देश
गोमती के बढ़ते जलस्तर के बीच मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनाने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। प्रशासन और नगर निगम की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
बीकेटी, फैजुल्लागंज समेत दूसरे इलाकों में लोगों तक राशन किट और दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं। जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों से संवाद कर रहे हैं।
दो दशकों बाद ऐतिहासिक धरोहरें पानी में
गोमती नदी में आई बाढ़ ने लखनऊ के कई प्रमुख इलाकों और ऐतिहासिक स्थलों को भी प्रभावित किया है। करीब दो दशकों बाद शहर में ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं। गोमती नगर स्थित रिवर फ्रंट को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।
प्रसिद्ध हनुमंत धाम का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है। यहां झूला, पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा और गुंबद भी जलमग्न हो चुके हैं। इसके अलावा नव निर्मित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल और वहां बने म्यूजियम तक भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
फैजुल्लागंज में घरों में घुसा पानी, 150 नावें तैनात
फैजुल्लागंज में बाढ़ का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। कई घरों के गेट से ऊपर तक पानी पहुंच गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन ने 150 नावें तैनात की हैं।
नगर आयुक्त गौरव कुमार के मुताबिक, सीतापुर में जलस्तर स्थिर होने के बाद जल्द ही लखनऊ में भी पानी कम होने की उम्मीद है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। संक्रमण से बचाव के लिए प्रभावित इलाकों में दवाइयां भी बांटी जा रही हैं।
प्रशासन की टीमें लगातार कर रहीं निगरानी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन, नगर निगम और अन्य विभागों की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। लोगों को जरूरी सामान उपलब्ध कराने के साथ ही फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया जा रहा है। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।