बारिश में जालंधर की जर्जर बिल्डिंग गिरी, नगर निगम की लापरवाही पर उठे सवाल

जालंधर में इमारत गिरी

बारिश में जालंधर की जर्जर बिल्डिंग गिरी, नगर निगम की लापरवाही पर उठे सवाल

जालंधर में बारिश शुरू होते ही जर्जर इमारतें गिरने लगीं, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

बारिश में जालंधर की जर्जर बिल्डिंग गिरी नगर निगम की लापरवाही पर उठे सवाल

जालंधर में बारिश शुरू होते ही जर्जर इमारतों का खतरा सामने आने लगा है। शनिवार को शहर के जोन-ए क्षेत्र में लक्कड़ बाजार और केसरगंज मंडी के पास एक पुरानी और कमजोर बिल्डिंग अचानक गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सीनियर डिप्टी मेयर मौके पर पहुंचे

बिल्डिंग गिरने की सूचना मिलते ही नगर निगम के अधिकारी और सीनियर डिप्टी मेयर मौके पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क पर फैले मलबे को जल्द हटाने के निर्देश दिए, ताकि लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो और किसी अन्य दुर्घटना का खतरा न बने।

निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे

इस हादसे के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में कई ऐसी जर्जर इमारतें मौजूद हैं, जो बारिश के दौरान कभी भी गिर सकती हैं। बावजूद इसके नगर निगम की ओर से समय रहते इन इमारतों का निरीक्षण नहीं किया जाता और न ही उनकी स्थिति को लेकर ठोस कार्रवाई की जाती है।

लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी

पुराने शहर के कई इलाकों में हर साल बारिश के मौसम में ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। इससे पहले 2 जुलाई को भी दाल बाजार के पास कच्ची गली में एक अनसेफ घोषित बिल्डिंग का ऊपरी हिस्सा गिर गया था। उस घटना के बाद भी आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

समय रहते कार्रवाई की जाए

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच अक्सर नोटिस जारी करने तक ही सीमित रह जाती है। खतरनाक इमारतों को खाली करवाने या उन्हें सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते।

शहरवासियों का कहना है कि जर्जर इमारतों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। उनका आरोप है कि प्रशासन की सक्रियता अक्सर किसी दुर्घटना के बाद ही दिखाई देती है।
 

संबंधित सामग्री

मानसून में रातभर कूलर चलाकर सोना पड़ सकता है भारी, बारिश में कूलर इस्तेमाल करते समय रहें सावधान

लाइफ स्टाइल

मानसून में रातभर कूलर चलाकर सोना पड़ सकता है भारी, बारिश में कूलर इस्तेमाल करते समय रहें सावधान

मानसून के दौरान कूलर का उपयोग करते समय सफाई और उचित वेंटिलेशन की आवश्यकता बताई गई है, ताकि स्वास्थ्य समस्याएं न उत्पन्न हों।

यूपी में मानसून का कहर: डिलीवरी के बाद पत्नी-नवजात को चारपाई से नदी पार कराया

राज्य

यूपी में मानसून का कहर: डिलीवरी के बाद पत्नी-नवजात को चारपाई से नदी पार कराया

उत्तर प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने से 15 शहरों में भारी बारिश। अलर्ट जारी, नदियों का जलस्तर बढ़ा, 80 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में।

देशभर में बारिश का डबल अटैक: यूपी के 16 जिले बाढ़ में, कॉलोनियों में नावें; बिहार में 100 दुकानें डूबीं, पहाड़ों पर लैंड

देश-विदेश

देशभर में बारिश का डबल अटैक: यूपी के 16 जिले बाढ़ में, कॉलोनियों में नावें; बिहार में 100 दुकानें डूबीं, पहाड़ों पर लैंड

उत्तर प्रदेश के 16 जिले और बिहार के छपरा में भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति। गांवों और कॉलोनियों में नावों का सहारा, हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड।

मानसून सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित, जानिए कौन-कौनसे बिल हुए पास

देश-विदेश

मानसून सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित, जानिए कौन-कौनसे बिल हुए पास

संसद के मानसून सत्र का समापन विवादों के बीच हुआ। 19 बिल पास हुए, जिनमें एंटी पेपर लीक और टैक्सेशन बिल शामिल हैं।

उत्तरप्रदेश में बारिश का तांडव, नदियां उफान पर, सड़कों पर चली नाव

राज्य

उत्तरप्रदेश में बारिश का तांडव, नदियां उफान पर, सड़कों पर चली नाव

उत्तरप्रदेश में बाढ़ के कारण 80 से अधिक गांव प्रभावित, गंगा और यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं, फर्रुखाबाद में 49 गांवों में बाढ़ आई।