शिक्षक दिवस के मौके पर हरियाणा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित राज्य शिक्षक सम्मान समारोह में कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 250 विद्यालयों को सीएम-ईईई स्कूल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इन स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और प्रौद्योगिकी शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को भी राज्य शिक्षक पुरस्कार के दायरे में लाया जाएगा। अभी यह सम्मान मुख्य रूप से विद्यालय शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को दिया जाता है।
79 शिक्षकों को मिला राज्यस्तरीय सम्मान
पंचकूला में आयोजित समारोह में राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 79 शिक्षकों को सम्मानित किया। पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को शॉल, मेडल और प्रमाण पत्र के साथ एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि तथा दो अग्रिम वेतन वृद्धि प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान हमेशा सर्वोच्च रहा है। उनके मुताबिक माता-पिता बच्चे को जन्म देते हैं, लेकिन शिक्षक उसके व्यक्तित्व को आकार देने के साथ उसे जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है।
तकनीक के दौर में शिक्षक की भूमिका और अहम
CM सैनी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डिजिटल तकनीक और इंटरनेट ने बच्चों के लिए ज्ञान के नए रास्ते खोल दिए हैं। विद्यार्थी कुछ ही सेकंड में जानकारी हासिल कर सकते हैं, लेकिन सूचना और ज्ञान में अंतर है। मशीन जानकारी दे सकती है, मगर संस्कार और मानवीय संवेदना नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि किसी निराश बच्चे का हौसला बढ़ाना और उसमें विश्वास पैदा करना शिक्षक ही कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 18,538 करोड़ रुपये किया गया है, जो वर्ष 2014-15 में करीब 8,400 करोड़ रुपये था। प्रदेश में 218 मॉडल संस्कृति विद्यालय और 251 पीएम श्री विद्यालय विकसित किए जा चुके हैं। वहीं, बच्चों को घर के नजदीक बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 719 उत्कृष्ट विद्यालय खोले गए हैं।
खेल और आधुनिक शिक्षा पर भी जोर
सरकार की ओर से 3,328 स्कूलों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय को इसके लिए एक लाख रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि हर जिले में एक स्कूल को उत्कृष्ट खेल विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है।
स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित आधारित प्रयोगशालाओं के जरिए विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, 3-डी प्रिंटिंग, कोडिंग, एआई और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है। विद्यार्थियों की वैज्ञानिक रुचि बढ़ाने के लिए हरियाणा गणित ओलंपियाड भी शुरू किया गया है।
सुपर-100 की सीटें बढ़ीं
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए चलाए जा रहे सुपर-100 कार्यक्रम में सीटों की संख्या 400 से बढ़ाकर 500 कर दी गई है। वर्ष 2026 में इस कार्यक्रम के 38 विद्यार्थियों ने आईआईटी और 44 ने एनआईटी में प्रवेश हासिल किया। कई विद्यार्थियों ने नीट में सफलता प्राप्त कर एमबीबीएस में भी दाखिला लिया है।
वहीं, शिक्षकों के पेशेवर विकास के लिए सीपीडी फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। निपुण हरियाणा के तहत प्रशिक्षण के दो चरण पूरे हो चुके हैं और करीब 32 हजार पीआरटी शिक्षकों को अगले चरण में प्रशिक्षण देने की योजना है।
शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को बताया बदलाव की असली ताकत
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा में बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम एक दशक पहले करीब 40 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर लगभग 90 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच गया है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय शिक्षकों की अतिरिक्त कक्षाओं, कमजोर विद्यार्थियों पर व्यक्तिगत ध्यान और अभिभावकों के साथ बनाए गए भरोसे को दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 26 सरकारी स्कूलों में फ्रेंच और जर्मन भाषाओं की पढ़ाई शुरू की गई है। इसके अलावा 2,238 स्किल लैब्स, इंटरनेट और स्मार्ट बोर्ड जैसी सुविधाओं के जरिए सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा का दायरा बढ़ाया जा रहा है।