योगी ने शिक्षकों को सम्मानित किया

योगी का सपा पर तंज- सैफई महोत्सव पर खर्च की जगह शिक्षा पर पैसा लगाते तो लाखों बच्चों का भविष्य बनता

उत्तर प्रदेश में शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 81 शिक्षकों को सम्मानित किया, पुरानी व्यवस्थाओं पर निशाना साधा।

By : सोनिया रायकवार
योगी का सपा पर तंज- सैफई महोत्सव पर खर्च की जगह शिक्षा पर पैसा लगाते तो लाखों बच्चों का भविष्य बनता

 

गोरखपुर: शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में प्रदेश के 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025 प्रदान किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार के काम गिनाए और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा।

‘2017 से पहले विद्यालय नकल के अड्डे बन गए थे’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कई विद्यालय नकल के अड्डे बन गए थे और वहां ठेके चलते थे। दूसरे राज्यों के छात्र उत्तर प्रदेश में परीक्षा देने आते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में परीक्षार्थी की जगह किसी और व्यक्ति के परीक्षा देने की व्यवस्था तक होती थी। सीएम ने कहा कि अब ऐसे विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने की व्यवस्था बंद कर दी गई है। इसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के साथ शिक्षकों के सम्मान को बढ़ाना भी था।

‘सैफई महोत्सव का पैसा शिक्षा पर लगता तो लाखों बच्चों का भविष्य बनता’

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अकेले माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में जर्जर विद्यालय भवनों के लिए 1,500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि यह काम वर्ष 2017 से पहले भी किया जा सकता था। योगी ने तंज कसते हुए कहा कि सैफई महोत्सव में जितना पैसा खर्च किया जाता था, अगर उसका थोड़ा हिस्सा भी शिक्षा की ओर लगाया जाता तो लाखों बच्चों का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता था। उन्होंने जन्मदिन समारोहों और महंगे आयोजनों को लेकर भी पिछली सरकार पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ऐसे खर्चों का पैसा शिक्षा पर लगाया जाता तो बच्चों के सामने पहचान का संकट पैदा नहीं होता।

‘जो नहीं कर सके, वही आज सवाल खड़े कर रहे हैं’

सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों को प्रदेश में कई बार सरकार चलाने का अवसर मिला, वे आज शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित बदलाव नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव और प्रदेश का मॉडल देश के सामने दिखाई दे रहा है। विपक्ष इन उपलब्धियों को मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन जनता बदलाव को देख रही है।

‘प्रदेश में 70 हजार बाल वाटिकाएं बन चुकी हैं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पुराने और जर्जर विद्यालय भवनों को बदलने के साथ कई विद्यालयों को बाल वाटिका के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 70 हजार बाल वाटिकाएं बन चुकी हैं, जहां प्री-प्राइमरी की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विद्यालयों के भवन, सुविधाओं और शिक्षण व्यवस्था में लगातार सुधार किया जा रहा है।

‘शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण का वाहक’

शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि कोई भी राष्ट्र तभी सशक्त और समर्थ बन सकता है, जब वहां के युवाओं को देश की भावनाओं के अनुरूप शिक्षा और संस्कार मिलें। उन्होंने कहा कि यह काम शिक्षक ही कर सकता है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि उन्हें राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक बनाने का कार्य भी करता है। इसी शिक्षक के सम्मान के लिए यह समारोह आयोजित किया गया।

‘साढ़े नौ साल में कहीं दंगा नहीं’

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में दंगे और कर्फ्यू आम बात हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है। योगी ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश की पुलिस लाइनों, थानों और अलग-अलग मोहल्लों में कार्यक्रम आयोजित हुए, लेकिन कहीं से दंगे की खबर नहीं आई। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था का असर स्कूल-कॉलेजों के संचालन पर भी दिखाई देता है।

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार द्वारा शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों के लिए किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में शिक्षामित्रों को 3,000 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया है। उन्होंने बताया कि अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाकर 17,000 रुपये किया गया है और उन्हें 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े 15 लाख से अधिक लोगों को उनके परिवार सहित 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी गारंटी योजना से भी जोड़ा गया है।

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