हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को सिरसा दौरे के दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सख्त रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने गुरुवार (23 जुलाई) को चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू), सिरसा के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति (ग्रीवेंस कमेटी) की बैठक में 18 शिकायतों की सुनवाई की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बिजली निगम के एक जेई और रानियां थाना के एएसआई को चार्जशीट करने के आदेश दिए। वहीं, एक अन्य मामले में विजिलेंस जांच के निर्देश जारी किए गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान करने के निर्देश भी दिए।
हरियाणा सीएम सैनी
नाबालिग के बयान मामले में ASI पर गिरी गाज
ग्रीवेंस बैठक में रानियां क्षेत्र की रहने वाली कैलाश कौर ने एएसआई राजेश कुमार के खिलाफ शिकायत रखी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 13 जनवरी 2026 को जब वह दुकान से सामान लेकर घर लौट रही थी, तो ढाणी सतनाम सिंह निवासी गुरसेवक और उसके परिजनों ने उसके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।
कैलाश कौर ने बताया कि उसकी चीख सुनकर उसका 13 वर्षीय नाबालिग बेटा उसे बचाने पहुंचा, तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की, जिससे उसके दांत टूट गए और उसे गंभीर चोटें आईं।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई करने के बजाय रानियां थाना के एएसआई राजेश कुमार ने नाबालिग के बयान दर्ज कर फर्जी हस्ताक्षर किए और मामले को गलत तरीके से पेश किया। उसने हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच कराने की मांग की।
बैठक का एक दृश्य
मुख्यमंत्री ने शिकायत पर सुनवाई करते हुए एएसआई राजेश कुमार को चार्जशीट करने के आदेश दिए।
सोलर पैनल नहीं लगाने पर बिजली निगम के JE पर कार्रवाई
गुड़ियाखेड़ा निवासी विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री के सामने शिकायत रखते हुए बताया कि उसने 18 दिसंबर 2024 को सोलर पैनल के लिए आवेदन किया था। सोम कॉरपोरेशन हिसार द्वारा सोलर पैनल लगाया जाना था और उसका नाम लाभार्थी सूची में भी शामिल हो गया था।
विनोद कुमार के अनुसार, उसने कंपनी को 6 मार्च 2025 को 14 हजार रुपये और 20 मार्च 2025 को 84,700 रुपये का भुगतान कर दिया था। इसके बावजूद उसके घर पर अब तक सोलर पैनल नहीं लगाया गया।
कई बार संपर्क करने के बाद भी समाधान नहीं होने पर उसने मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएम सैनी ने संबंधित जेई को चार्जशीट करने के निर्देश दिए।
फ्लैट विवाद में विजिलेंस जांच के आदेश
चतरगढ़ पट्टी निवासी विजय कुमार ने सेक्टर-21 में आवंटित फ्लैट का कब्जा नहीं मिलने की शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी। उन्होंने बताया कि फ्लैट के लिए उनसे कुल 5.50 लाख रुपये जमा करवाने थे, जिसमें उन्होंने पहली और दूसरी किस्त के रूप में राशि जमा कर दी थी।
बैठक में मौजूद आमजन
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बिना पूरी जानकारी दिए उनसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए, लेकिन आज तक उन्हें फ्लैट का कब्जा और चाबी नहीं मिली। इसके अलावा विभाग द्वारा अब 10.79 लाख रुपये से अधिक की मांग की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने मामले में विजिलेंस जांच के आदेश देते हुए रिपोर्ट मांगी है।
NEET विवाद पर बोले CM- विपक्ष ने तांडव खड़ा किया
NEET मामले में छात्रों पर लाठीचार्ज के सवाल पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में CET परीक्षा हुई, लेकिन किसी विद्यार्थी या अभिभावक ने शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा कि NEET परीक्षा के दौरान सरकार ने युवाओं के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई थी।
सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन से जुड़े दल युवाओं को भड़काने और भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के हितों को लेकर गंभीर है और यदि कहीं कोई गलत घटना हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन युवाओं को सशक्त बनाना और उनका विश्वास बहाल करना है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उसके शासनकाल में कई पेपर लीक हुए और युवाओं का विश्वास टूटा।
पंजाब एक्साइज इंस्पेक्टर भर्ती पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब में एक्साइज इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती सूची में कई अनियमितताएं सामने आई हैं।
सीएम ने कहा कि कुछ उम्मीदवारों के नाम और पहचान को लेकर सवाल उठे हैं और कुछ अभ्यर्थियों ने दो अलग-अलग रोल नंबर से परीक्षा देकर दोनों जगह चयन हासिल किया है। उन्होंने इसे युवाओं के साथ धोखा बताया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार ने बिना खर्ची और बिना पर्ची के युवाओं को रोजगार देने का काम किया है।