हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को गुरुग्राम में जिला कष्ट निवारण समिति (ग्रीवेंस कमेटी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष कुल 15 शिकायतें प्रस्तुत की गईं, जिनमें से 13 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शेष दो लंबित मामलों में संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
हरियाणा सीएम सैनी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि आम नागरिकों की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान होना चाहिए।
स्वच्छता और सौंदर्यीकरण में लापरवाही पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री सैनी ने गुरुग्राम शहर की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को लेकर भी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध रूप से निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है तथा जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कांग्रेस के कैंडल मार्च पर साधा निशाना
कांग्रेस का चुनावी चिन्ह
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस द्वारा निकाले जा रहे कैंडल मार्च को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि युवाओं के नाम पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री के अनुसार, कांग्रेस के शासनकाल में नौकरियों में सबसे अधिक अनियमितताएं और धांधली हुईं, जबकि वर्तमान केंद्र सरकार लगातार छात्रों और युवाओं के हित में फैसले ले रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में छात्रों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने छात्र कल्याण को प्राथमिकता दी है, जबकि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में युवाओं के भविष्य के साथ न्याय नहीं किया।
पंजाब भर्ती परीक्षा को लेकर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री सैनी ने पंजाब के आबकारी विभाग की हालिया भर्ती परीक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। उनके अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों के रोल नंबर के साथ नाम की जगह "भारतीय स्टेट बैंक" दर्ज था, जबकि कुछ मामलों में केवल फोटो लगी होने के बावजूद उन्हें एक्साइज इंस्पेक्टर नियुक्त कर दिया गया।
बैठक का एक दृश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ऐसी कथित अनियमितताओं पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे युवाओं और छात्रों के नाम पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।