हरिद्वार में एक युवती ने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है। इस दौरान साधु-संतों ने पुष्पवर्षा, वैदिक मंगलाचरण और भगवा अंगवस्त्र पहनाकर युवती का स्वागत किया। युवती का पहले नाम तमन्ना था, जिसे अब संतों ने 'नेहा' नाम दिया। बताया गया कि युवती 3 महीने पहले अपने घरवालों को छोड़कर हरिद्वार में रहने लगी थी। इसी दौरान वह सोशल मीडिया के जरिए धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़ी।
तमन्ना बनी नेहा
रील देखने के बाद वह गंगा आरती और गंगा स्नान के बारे में इंटरनेट पर जानकारी खोजने लगी। इसी दौरान उसकी कुछ लोगों से दोस्ती हुई। युवती हरिद्वार से ही ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही है। घरवापसी संस्कार के दौरान नेहा ने गंगा में 3 डुबकियां लगाईं। इसके बाद साधु-संतों ने घोषणा की कि अब वह इस्लाम धर्म से नहीं, बल्कि हिंदू धर्म से जानी जाएगी। सनातन संस्कृति और विचारों से प्रभावित होकर उसने अपनी स्वतंत्र इच्छा से हिंदू धर्म अपनाने का फैसला लिया।
बलपूर्वक धर्म परिवर्तन का समर्थन नहीं
अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद के संरक्षक बाबा हठयोगी महाराज ने कहा 'यदि कोई व्यक्ति अपनी स्वतंत्र इच्छा और आस्था के आधार पर अपने पूर्वजों की परंपरा में लौटना चाहता है, तो उसका सम्मान होना चाहिए।' तीर्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष संत राम विशाल दास महाराज ने कहा 'सनातन धर्म किसी भी तरह के बलपूर्वक धर्म परिवर्तन का समर्थन नहीं करता। अगर कोई व्यक्ति अपनी श्रद्धा से वैदिक संस्कृति अपनाता है, तो उसका स्वागत करना हमारा धार्मिक दायित्व है।'