मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कथित सूदखोरों की प्रताड़ना और धमकियों से तंग आकर एक किसान ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह दर्दनाक हादसा इतना भीषण था कि मृतक का शव रेलवे ट्रैक पर दो टुकड़ों में बंट गया। मृतक की पहचान मुरार के त्यागी नगर निवासी तिलक सिंह राणा के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मौत के लिए तीन सूदखोरों को जिम्मेदार ठहराया गया है।
कर्ज चुकाने के बाद भी 20% ब्याज का दबाव
परिजनों के अनुसार, तिलक सिंह ने करीब छह महीने पहले कल्ला शर्मा नाम के व्यक्ति से 5 लाख रुपये उधार लिए थे। इसमें से वे 3 लाख रुपये वापस भी कर चुके थे। शुरुआत में ब्याज दर 3 प्रतिशत तय हुई थी, लेकिन बाद में आरोपी जबरन 20 प्रतिशत ब्याज की मांग करने लगे। बकाया 2 लाख रुपये और इस भारी-भरकम ब्याज को लेकर आरोपी लगातार तिलक सिंह को प्रताड़ित कर रहे थे।
मारपीट और किडनैपिंग का आरोप
मृतक के बेटे अजीत सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि आरोपियों ने उनके पिता को किडनैप कर उनके साथ मारपीट की थी। आरोपी लगातार घर में घुसकर जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। गुरुवार को भी आरोपियों ने उन्हें बुरी तरह धमकाया, जिससे अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर शुक्रवार को तिलक सिंह एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर पहुंचे और ट्रेन के सामने कूद गए।
सुसाइड नोट में नामजद आरोपी
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में तिलक सिंह ने अपनी व्यथा लिखते हुए साफ तौर पर जितेंद्र शर्मा, उसके साले कल्ला शर्मा और गजेंद्र को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। इस मामले पर ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान कराया जाएगा और सभी आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच के बाद सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।