मऊगंज जिले के नईगढ़ी विकासखंड में जल जीवन मिशन के नल-जल कार्यों में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जांच के बाद पीएचई के तत्कालीन अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि अधूरे और गुणवत्ता में कमी वाले कामों के बावजूद ठेकेदार को 3 करोड़ 85 लाख 900 रुपये का पूरा भुगतान कर दिया गया।
चार लोगों पर दर्ज हुआ आपराधिक मामला
FIR में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जेपी द्विवेदी, सहायक यंत्री संजय पांडे, उपयंत्री एपी तिवारी और ठेकेदार मेसर्स शिवेंद्र कुमार तिवारी को आरोपी बनाया गया है। EOW के अनुसार, अधिकारियों की भूमिका काम के सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया में जांच के दायरे में है।
पांच साल बाद भी कई गांवों में काम अधूरा
वर्ष 2021 में नईगढ़ी के अलग-अलग गांवों में पानी की टंकियां, पाइपलाइन, पंप हाउस और घरेलू नल कनेक्शन बनाने का काम शुरू किया गया था। जांच में आरोप है कि करीब पांच साल बाद भी कई निर्माण कार्य अधूरे हैं और ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल सकी।
पहली बार पानी भरते ही टूट गई टंकी
खटखरी गांव में बनाई गई पानी की टंकी को लेकर भी जांच में गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि पहली बार पानी भरने के दौरान ही टंकी टूटकर गिर गई। योजना में 4400 मीटर पाइपलाइन और 315 घरेलू नल कनेक्शन का प्रावधान था, लेकिन पाइपलाइन गांव के बाहर तक ही बिछाने और घरों में फिटिंग नहीं करने का आरोप है।
740 कनेक्शन का दावा, घरों में फिटिंग नहीं
करह गांव में पांच मोटर पंप के स्थान पर केवल एक सबमर्सिबल पंप मिलने का उल्लेख जांच में किया गया है। 740 घरेलू कनेक्शन के दावे के बावजूद जांच के दौरान घरों में नल फिटिंग नहीं मिली। शिवराजपुर और जुड़मनिया रघुनाथ गांवों में भी निर्माण और पाइपलाइन कनेक्शन अधूरे पाए जाने का आरोप है।
अधिकारियों और ठेकेदार की भूमिका जांच के घेरे में
EOW का आरोप है कि अधूरे और गुणवत्ता विहीन कार्यों के बावजूद अधिकारियों ने सत्यापन कर भुगतान कराया। मामले में भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जांच के दौरान निर्माण की गुणवत्ता, भुगतान और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल जारी है।