शिक्षकों का आंदोलन समाप्त

दिग्विजय की मध्यस्थता से शिक्षकों का अनशन खत्म, मंगलवार तक मांगों के समाधान का भरोसा

भोपाल में शिक्षक अभ्यर्थियों का आमरण अनशन दिग्विजय सिंह की मध्यस्थता के बाद समाप्त हुआ। उन्होंने शिक्षा मंत्री से बात कर मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया।

By : दिव्या मिस्त्री
दिग्विजय की मध्यस्थता से शिक्षकों का अनशन खत्म, मंगलवार तक मांगों के समाधान का भरोसा

भोपाल के नीलम पार्क में पदवृद्धि और नियुक्ति की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों का आंदोलन शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मध्यस्थता के बाद फिलहाल समाप्त हो गया। दिग्विजय सिंह ने शिक्षा मंत्री से फोन पर चर्चा की और आगामी मंगलवार तक मांगों के निराकरण का आश्वासन दिलाया। इसके बाद उन्होंने आंदोलनकारी शिक्षकों को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया।

नारेबाजी पर दिग्विजय सिंह हुए नाराज

धरना स्थल पर दिग्विजय सिंह के पहुंचने के दौरान कुछ आंदोलनकारी नारेबाजी करने लगे। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर लोग शांत नहीं होंगे तो वे वहां से चले जाएंगे। इसके बाद आंदोलनकारी शांत हुए और दिग्विजय सिंह ने शिक्षकों से उनकी मांगों को लेकर चर्चा की।

TET की अनिवार्यता वापस लेने की मांग

शिक्षक दिवस का हवाला देते हुए दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को TET की अनिवार्यता का फैसला वापस लेना चाहिए। उनका दावा है कि शिक्षा विभाग में 1 लाख 41 हजार से ज्यादा पद खाली हैं और वर्ग-2 व वर्ग-3 के हजारों पदों पर नियुक्तियां की जा सकती हैं।

43 हजार पदों पर भर्ती का मुद्दा

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वर्ग-2 और वर्ग-3 के करीब 43 हजार खाली पदों को भर्ती और प्रमोशन के जरिए भरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों ने मेहनत के बाद परीक्षा में सफलता हासिल की है, इसके बावजूद उनकी नियुक्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने सरकार से चयनित शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों के हित में जल्द निर्णय लेने की मांग की।

RSS को लेकर सरकार पर निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान बीजेपी सरकार और RSS पर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या प्रदेश में सिर्फ RSS से जुड़े लोगों को ही नौकरियां दी जाएंगी? उन्होंने कहा कि चयनित अभ्यर्थी मेहनत के दम पर चयनित हुए हैं और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

संसद से सड़क तक आवाज उठाने का भरोसा

दिग्विजय सिंह ने आंदोलनकारी शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि वे उनकी मांगों को लोकसभा और राज्यसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री निवास के सामने भी धरना दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने EVM को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा और चुनाव में मशीनों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए।

मांग पूरी नहीं हुई तो फिर आंदोलन

शिक्षा मंत्री से बातचीत और मंगलवार तक मांगों के निराकरण के आश्वासन के बाद शिक्षकों ने फिलहाल आमरण अनशन स्थगित कर दिया है। हालांकि, आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समयसीमा में उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो वे दोबारा आंदोलन शुरू कर सकते हैं।

संबंधित सामग्री

सीएम डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल ने किया 33 शिक्षकों का सम्मान, अब ऑफलाइन होगा TET

सीएम डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल ने किया 33 शिक्षकों का सम्मान, अब ऑफलाइन होगा TET

मध्यप्रदेश में शिक्षक दिवस पर आयोजित समारोह में 33 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा नीतियों में सुधार की घोषणा की।

SDRF कमांड सेंटर पहुंचे CM डॉ मोहन, बाढ़-बारिश की समीक्षा कर दिए अलर्ट रहने के निर्देश

SDRF कमांड सेंटर पहुंचे CM डॉ मोहन, बाढ़-बारिश की समीक्षा कर दिए अलर्ट रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की और SDRF, NDRF की टीमों के प्रयासों की सराहना की।

फ़िल्म हनुमान अंश के गायक  सुनील लोधी को करेगी राज्य सरकार प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

फ़िल्म हनुमान अंश के गायक सुनील लोधी को करेगी राज्य सरकार प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल में जन्म से दृष्टिबाधित बुंदेली गायक सुनील लोधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की और उन्हें लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें एक लाख रुपए की सम्मान निधि की घोषणा की।

भोपाल की दो मल्टीलेवल पार्किंग में अब FASTag से भुगतान,मोबाइल एप से भी दे सकेंगे शुल्क

भोपाल की दो मल्टीलेवल पार्किंग में अब FASTag से भुगतान,मोबाइल एप से भी दे सकेंगे शुल्क

भोपाल के मल्टीलेवल पार्किंग में FASTag और डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू की गई है, जिससे पार्किंग प्रक्रिया को तेज और आसान बनाया जा सकेगा।

शिक्षा व्यवस्था में नियमों की अनदेखी पर धामी सरकार सख्त, बाजपुर में पांच और मदरसे सील

शिक्षा व्यवस्था में नियमों की अनदेखी पर धामी सरकार सख्त, बाजपुर में पांच और मदरसे सील

उत्तराखंड में नियमों की अनदेखी करने वाले पांच मदरसों को सील किया गया, सरकार ने शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

Advertisement

MP ADD शिक्षा के साथ कौशल भी..3 on 5 september