चुनाव आयोग की चुप्पी के बीच सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस, आज राष्ट्रपति से मुलाकात

Congress Moves Supreme Court Over Meenakshi Nomina

चुनाव आयोग की चुप्पी के बीच सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस, आज राष्ट्रपति से मुलाकात

मध्य प्रदेश में राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर, पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

चुनाव आयोग की चुप्पी के बीच सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस आज राष्ट्रपति से मुलाकात

मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी मिनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सियासी संग्राम तेज हो गया है। चुनाव आयोग से राहत नहीं मिलने पर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 1:48 बजे डिजिटल माध्यम से याचिका दायर कर रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को गैर-कानूनी, मनमाना और पक्षपातपूर्ण बताया है।

उधर, कांग्रेस आज राष्ट्रपति से मुलाकात करेगी, जबकि दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक भी बुलाई गई है। मामले में चुनाव आयोग की चुप्पी ने राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग कानूनी राय लेने के बाद निर्णय कर सकता है। गुरुवार दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा है। यदि तब तक आयोग कोई हस्तक्षेप नहीं करता, तो भाजपा उम्मीदवार मुकेश कुमावत का निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है।

इसके साथ ही भाजपा के अन्य उम्मीदवार तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल भी निर्विरोध निर्वाचित हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें भाजपा के खाते में चली जाएंगी।

कांग्रेस बोली- यह सीट चोरी का मामला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नामांकन निरस्त किए जाने को "सीट चोरी का मामला" बताया है। कांग्रेस का आरोप है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए तकनीकी आधार पर प्रत्याशी को चुनाव से बाहर किया गया है।

नामांकन रद्द होने की वजह क्या है?

9 जून को स्क्रूटनी के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया था।भाजपा की ओर से आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा गया कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने चुनावी शपथ-पत्र (फॉर्म-26) में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी नहीं दी है। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने चुनाव आयोग के समक्ष तर्क दिया कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। सिंघवी के अनुसार, तेलंगाना की अदालत ने केवल एक निजी शिकायत पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अदालत ने अभी तक मामले में संज्ञान लेकर आरोप तय नहीं किए हैं। इसलिए इसे लंबित आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता और शपथ-पत्र में इसका उल्लेख करना अनिवार्य नहीं था।

संबंधित सामग्री

एक तरफ सीएम डॉ. यादव ने महिदपुर के लिए खोला खजाना, दूसरी तरफ कांग्रेस पर साधा निशाना

राज्य

एक तरफ सीएम डॉ. यादव ने महिदपुर के लिए खोला खजाना, दूसरी तरफ कांग्रेस पर साधा निशाना

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिदपुर में 207.57 करोड़ की लागत से 19 विकास कार्यों का लोकार्पण किया, जिनमें बैराज और शिक्षा संस्थान शामिल हैं।

तेजी से प्रगति कर रहा एमपी, सीएम डॉ. मोहन बोले- राम राज्य की भावना पर चल रही हमारी सरकार

राज्य

तेजी से प्रगति कर रहा एमपी, सीएम डॉ. मोहन बोले- राम राज्य की भावना पर चल रही हमारी सरकार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में श्रीराम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा में भाग लिया और कई विकास योजनाओं की घोषणा की।

NEET-UG 2026: निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा के लिए MP पुलिस अलर्ट, 38 साइबर कमांडो रहेंगे सक्रिय

राज्य

NEET-UG 2026: निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा के लिए MP पुलिस अलर्ट, 38 साइबर कमांडो रहेंगे सक्रिय

NEET-UG 2026 के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने परीक्षाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत योजनाएं बनाई हैं।

क्या विधानसभा के इसी सत्र में पारित होगा UCC विधेयक, सीएम डॉ. मोहन ने दिए संकेत ?

राज्य

क्या विधानसभा के इसी सत्र में पारित होगा UCC विधेयक, सीएम डॉ. मोहन ने दिए संकेत ?

मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विधानसभा सत्र में यूसीसी विधेयक पेश होगा और नीट परीक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

राष्ट्रपति की मौजूदगी में खुले जंगल में छोड़े जा सकते हैं चीते! 21 जून को कूनो में राष्ट्रपति का रात्रि विश्राम

राज्य

राष्ट्रपति की मौजूदगी में खुले जंगल में छोड़े जा सकते हैं चीते! 21 जून को कूनो में राष्ट्रपति का रात्रि विश्राम

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कूनो नेशनल पार्क दौरे पर महत्वपूर्ण चीता पुनर्वास परियोजना के अंतर्गत चीतों को खुले जंगल में छोड़ने की संभावना।