मैहर आंगनवाड़ी में ‘नमक-पूड़ी’ का वीडियो वायरल, मचा सियासी बवाल; जांच में सामने आई अलग कहानी

आंगनवाड़ी वायरल वीडियो विवाद

मैहर आंगनवाड़ी में ‘नमक-पूड़ी’ का वीडियो वायरल, मचा सियासी बवाल; जांच में सामने आई अलग कहानी

मध्य प्रदेश के मैहर में आंगनवाड़ी केंद्र का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें बच्चों को नमक और पूड़ी खाते दिखाया गया। इसे लेकर राजनीतिक और विभागीय विवाद छिड़ गया है।

मैहर आंगनवाड़ी में ‘नमक-पूड़ी’ का वीडियो वायरल मचा सियासी बवाल जांच में सामने आई अलग कहानी

मध्य प्रदेश के मैहर जिले के ककरा आंगनवाड़ी केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छोटे बच्चों को पोषण आहार के नाम पर केवल नमक और पूड़ी खाते हुए दिखाया गया है। वीडियो सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया, वहीं विपक्ष ने इसे बच्चों के पोषण से जुड़ी गंभीर लापरवाही बताते हुए प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है और इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बच्चों के पोषण आहार तक में लापरवाही बरती जा रही है और सरकार भ्रष्टाचार तथा कमीशनखोरी में व्यस्त है। कांग्रेस ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

जांच रिपोर्ट में सामने आया विभाग का पक्ष

मामला बढ़ने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) राजेंद्र बांगड़े ने जांच के आदेश दिए। परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) अखिलेश दीपांकर की रिपोर्ट में दावा किया गया कि वायरल वीडियो लगभग तीन महीने पुराना है। विभाग के अनुसार, वीडियो भोजन वितरण की पूरी प्रक्रिया नहीं दिखाता, बल्कि अधूरा रिकॉर्ड किया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वीडियो को मौजूदा विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।

मारपीट के विवाद से जोड़ा गया मामला

विभागीय जांच के मुताबिक, 26 जुलाई को गांव में हुई मारपीट के मामले में भोजन प्रदाता ‘शिवम स्व-सहायता समूह’ की अध्यक्ष राधाबाई बीच-बचाव के लिए पहुंची थीं। उनकी बेटी ने उस घटना के फोटो और वीडियो बनाए थे। विभाग का आरोप है कि उसी विवाद के चलते राधाबाई पर दबाव बनाने के उद्देश्य से पुराना वीडियो वायरल किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित दिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता टीकाकरण ड्यूटी पर थीं और केंद्र की जिम्मेदारी सहायिका संभाल रही थीं। हालांकि विभाग ने भोजन प्रदाता समूह को इस मामले में क्लीन चिट दी है, लेकिन यह स्वीकार किया है कि पूर्व में अनियमितताओं के कारण इसी समूह पर जुर्माना लगाया जा चुका है।

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