छत्तीसगढ़: 16 से 27 जून तक चलेगा शाला प्रवेशोत्सव अभियान; सीएम साय ने नेताओं को ...

शाला प्रवेश उत्सव की शुरुआत

छत्तीसगढ़: 16 से 27 जून तक चलेगा शाला प्रवेशोत्सव अभियान; सीएम साय ने नेताओं को पत्र लिखकर किया ये आह्वान

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से शाला प्रवेश उत्सव में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल दिया और उत्सव के उद्देश्यों को साझा किया।

छत्तीसगढ़ 16 से 27 जून तक चलेगा शाला प्रवेशोत्सव अभियान सीएम साय ने नेताओं को पत्र लिखकर किया ये आह्वान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों से 16 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले "शाला प्रवेश उत्सव" में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में मंत्रीगण, सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्षों, महापौरों तथा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर अभियान को सफल बनाने की अपील की है।

सभी लोगों को शुभकामनाएं भी दीं

मुख्यमंत्री साय ने अपने पत्र में कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है। यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने नवीन शैक्षणिक सत्र के अवसर पर विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं भी दीं।

भागीदारी इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दे सकती है

मुख्यमंत्री ने बताया कि शाला प्रवेश उत्सव का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बालक-बालिका का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना और नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में पहुंचकर अभियान में भाग लेने तथा ऐसे बच्चों की पहचान करने का आग्रह किया, जो अभी तक स्कूल से नहीं जुड़े हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की भागीदारी इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दे सकती है।

बेहतर शिक्षण वातावरण विकसित किया जा रहा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार कार्य कर रही है। पीएम विद्यालयों के माध्यम से बेहतर शिक्षण वातावरण विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2026 से 150 विवेकानंद विद्यालयों की स्थापना का भी लक्ष्य रखा गया है। नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप सरकारी स्कूलों को आधुनिक और तकनीक-संपन्न बनाया जा रहा है।

सरकार विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, गणवेश और बालिकाओं को सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधियों और समाज के सहयोग से प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकेगा।
 

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