बिहार में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती समेत कई प्रमुख नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य के 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 22.42 लाख लोगों पर इसका सीधा असर पड़ा है, जबकि अब तक 20 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
पटना में गंगा ने तोड़ा पुराना रिकॉर्ड
राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर 50.57 मीटर तक पहुंच गया है, जिसने 2016 में दर्ज 50.52 मीटर के पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। जलस्तर बढ़ने के कारण पटना सिटी के कई निचले इलाकों में पानी घुस गया है। हथिदह में भी गंगा का जलस्तर वर्ष 2021 के 43.52 मीटर के उच्च स्तर को पार कर चुका है। वहीं पुनपुन नदी के बढ़ते पानी से कई नए गांव बाढ़ की चपेट में आए हैं। पटना जिले में पुनपुन, दरधा और महत्माईन नदियों के दबाव के कारण कुछ तटबंधों को भी नुकसान पहुंचा है।
तटबंध टूटे, कई गांव जलमग्न
छपरा के दरियापुर में मही नदी का तटबंध करीब 20 फीट तक टूट गया, जिससे आसपास के कई गांवों में पानी भर गया। भागलपुर के अकबरनगर में रिंग बांध के ओवरफ्लो होने के बाद सुल्तानगंज की नौ पंचायतों के करीब चार हजार घर बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं। तेज बहाव और जलभराव के कारण भागलपुर से सुल्तानगंज जाने वाले एनएच-80 पर आवाजाही रोक दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। सड़क बंद होने से दक्षिणी इलाकों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वे
बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री लगातार प्रभावित इलाकों का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को उन्होंने सोमपुर का हवाई सर्वेक्षण किया और बाढ़ पीड़ितों के लिए संचालित कम्युनिटी किचन का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने वहां आम लोगों के साथ बैठकर दाल-चावल खाया और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी परेशानियां भी जानीं और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सचिवालय में सुनी गईं शिकायतें
बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सचिवालय में राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न इलाकों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। कार्यक्रम में सबसे अधिक शिकायतें जमीन विवाद से जुड़ी सामने आईं। मुख्यमंत्री ने कई मामलों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर बातचीत की और जल्द कार्रवाई करने को कहा। सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।