भोपाल को मिलेगा ट्रैफिक जाम से छुटकारा! 2900 करोड़ के वेस्टर्न बायपास को मिली बड़ी मंजूरी

भोपाल में वेस्टर्न बायपास को मंजूरी

भोपाल को मिलेगा ट्रैफिक जाम से छुटकारा! 2900 करोड़ के वेस्टर्न बायपास को मिली बड़ी मंजूरी

भोपाल में प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास परियोजना को राज्य स्तरीय साधिकार समिति की बैठक में मंजूरी मिली। परियोजना पर 2900 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान।

भोपाल को मिलेगा ट्रैफिक जाम से छुटकारा 2900 करोड़ के वेस्टर्न बायपास को मिली बड़ी मंजूरी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लंबे समय से प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास परियोजना को बड़ा प्रशासनिक समर्थन मिल गया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय साधिकार समिति (SLEC) की बैठक में परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 2900 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

सीधे इंदौर मार्ग से जुड़ने की सुविधा मिलेगी

प्रारंभिक योजना के अनुसार बायपास की लंबाई 41 किलोमीटर प्रस्तावित थी, लेकिन संशोधित डिजाइन के बाद इसे 35.61 किलोमीटर कर दिया गया है। यह फोरलेन बायपास भोपाल-नर्मदापुरम मार्ग पर मंडीदीप के पास से शुरू होकर कोलार और रातीबड़ क्षेत्र से गुजरते हुए इंदौर रोड पर फंदा कला के निकट जाकर जुड़ेगा। इसके निर्माण से जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से आने वाले वाहनों को भोपाल शहर में प्रवेश किए बिना सीधे इंदौर मार्ग से जुड़ने की सुविधा मिलेगी।

दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड भी रहेगी

अधिकारियों के अनुसार बायपास को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 10 लेन क्षमता के हिसाब से विकसित किया जाएगा। इसमें छह लेन के स्ट्रक्चर पर चार लेन सड़क बनाई जाएगी, जबकि दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड भी रहेगी। परियोजना में एक रेलवे ओवरब्रिज (ROB), दो फ्लाईओवर, 15 अंडरपास और दो बड़े जंक्शन का निर्माण प्रस्तावित है।

सड़क के निर्माण के बाद 15 वर्षों में दी जाएगी

यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर विकसित होगी। इसके तहत कुल लागत का 40 प्रतिशत भुगतान निर्माण के दौरान पांच किश्तों में किया जाएगा, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि सड़क के निर्माण के बाद 15 वर्षों में दी जाएगी।

वेस्टर्न बायपास बनने से यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। वर्तमान में जबलपुर या नर्मदापुरम से इंदौर जाने वाले यात्रियों को भोपाल शहर से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे समय और दूरी दोनों बढ़ जाते हैं। नए बायपास के शुरू होने के बाद लगभग 25 किलोमीटर दूरी और 45 से 60 मिनट का समय बचेगा। इससे मंडीदीप और पीथमपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित होगी, जिससे व्यापार और परिवहन को नई गति मिलेगी।
 

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