कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों ने इतिहास रचा। भारत ने पहली बार एक ही गेम्स में 7 बॉक्सिंग गोल्ड जीते। इनके साथ ही मध्य प्रदेश के 2 खिलाड़ियों ने 2 सिल्वर मेडल अपने नाम किए। जूडो खिलाड़ी यामिनी और वेटलिफ्टर अजय बाबू ने रजत पदक जीता।।
खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा- यामिनी और अजय ने इतिहास रचा है। MP सरकार ने दोनों खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपए का ऐलान किया। साथ ही खेल नीति के प्रावधानों के अनुसार दोनों खिलाड़ियों को सरकारी विभाग में नौकरी भी मिलेगी।

किसान परिवार की बेटी
सागर की जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के महिला 57 किलोग्राम में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि गोल्ड मेडल के मुकाबले में उन्हें इंग्लैंड की असेल्या टोपराक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और वह रजत पदक जीतने में सफल रहीं। यामिनी सागर के एक किसान परिवार से हैं। उनके पिता हरिओम मौर्य खेती करते हैं। बचपन से ही उनका मन खेलों की ओर था। उनके कोच दीपक रजक ने बताया कि उन्होंने पहली बार यामिनी मौर्य को पुराने सदर स्कूल के मैदान में खेलते देखा था।
अजय ने उठाया 330 kg वजन
पुरुष 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अजय बाबू वल्लुरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले अजय बाबू के पिता भोपाल में नौकरी करते हैं। इसी कारण वह लंबे वक्त से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अजय बाबू ने कुल 330 किलोग्राम (149 किलोग्राम स्नैच और 181 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क) वजन उठाया। वह स्वर्ण पदक से महज 1 किलोग्राम पीछे रह गए। मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने कुल 331 किलोग्राम वजन उठाकर गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंग्लैंड के क्रिस मरे 325 किलोग्राम के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर सके।