चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। मान ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में चुनाव होने वाले होते हैं, वहां विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
पंजाब में AAP को टारगेट करने का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को पंजाब में आम आदमी पार्टी से डर है। इसी वजह से AAP नेताओं और पदाधिकारियों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के सह-प्रभारी को भी लगातार जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। मान ने कहा कि जिस मामले का जिक्र किया जा रहा है, उस समय संबंधित नेता जैन जेल में थे। उन्हें उम्मीद है कि अदालत से न्याय मिलेगा।
“देश में नया ट्रेंड चल पड़ा है”
भगवंत मान ने आरोप लगाया कि देश में अब एक नया राजनीतिक तरीका देखने को मिल रहा है। उनके मुताबिक, जिन राज्यों में चुनाव होने वाले होते हैं, वहां विपक्ष के बड़े नेताओं को पहले से निशाना बनाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं को किसी मामले में फंसाकर महीनों तक जेल भेज दिया जाता है और बाद में जांच आगे बढ़ती है।
दिल्ली चुनाव का भी दिया उदाहरण
मान ने दिल्ली चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी इसी तरह का माहौल बनाया गया था। उन्होंने संजय सिंह और मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई को चुनावी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं बताया।
क्या है पंजाब का नया मामला?
दरअसल, पंजाब से जुड़े एक मामले में ED की जांच चल रही है। एजेंसी अजय सहगल और इंडियन कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के दौरान कुछ रियल एस्टेट संस्थाओं को भूमि उपयोग परिवर्तन की सुविधा दिलाने के प्रयासों में नितिन गोहल की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है।
सरकारी काम प्रभावित करने का आरोपव
ED के मुताबिक, गोहल ने मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी राजबीर घुम्मण से संपर्क का इस्तेमाल कथित तौर पर सरकारी कामकाज को प्रभावित करने के लिए किया। एजेंसी ने तबादलों, तैनातियों और अन्य सरकारी लाभ दिलाने में कथित बिचौलिये की भूमिका की भी जांच की है। इसी कार्रवाई को लेकर अब पंजाब की राजनीति में सियासी घमासान तेज हो गया है।