मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन ने अवैध शराब कारोबारियों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन ने अवैध संपत्तियों और अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है। बंडा में शराब कांड से जुड़े आरोपियों के पांच प्रमुख ठिकानों को कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें मनीष लोधी, चंद्रभान राजपूत और आशीष साहू के कथित अवैध मकान और गोदाम शामिल हैं।

जहरीली शराब से मचा हड़कंप
बंडा तहसील के कई गांवों में संदिग्ध जहरीली शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का मामला सामने आया था। शुरुआती रिपोर्टों में 9 से 11 मौतों की जानकारी सामने आई, जबकि बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 और उससे अधिक बताए जाने की बात सामने आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई मौतों के पीछे मेथनॉल विषाक्तता की बात सामने आई है। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर मरीजों का इलाज सागर के बीएमसी समेत अलग-अलग अस्पतालों में किया गया। कुछ मरीजों में आंखों की रोशनी प्रभावित होने और गंभीर विषाक्तता के लक्षण भी सामने आए।
नकली शराब और ललितपुर कनेक्शन की जांच
जांच में नकली शराब की सप्लाई को लेकर उत्तर प्रदेश के ललितपुर से कथित कनेक्शन सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक नकली शराब की बोतलों पर नकली रैपर और QR कोड लगाए जाने की बात सामने आई है और कम कीमत पर शराब की सप्लाई किए जाने की आशंका की जांच की जा रही है। हालांकि, ललितपुर पुलिस ने जांच पूरी होने से पहले इस कनेक्शन को लेकर किए गए कुछ दावों पर सवाल भी उठाए हैं। यानी जांच का दायरा अब सिर्फ बंडा तक सीमित नहीं है। पुलिस अवैध शराब की पूरी सप्लाई चेन और इससे जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
आरोपियों पर कार्रवाई तेज
मामले में पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। बाद में एफआईआर का दायरा बढ़ाए जाने और कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। प्रशासनिक स्तर पर भी बंडा के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। वहीं, मामले में नामजद आरोपी रामसिंह लोधी की FIR दर्ज होने के अगले दिन तबीयत बिगड़ने के बाद मौत होने की खबर भी सामने आई है। उसके परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इस मामले की भी जांच की जा रही है।
सीएम मोहन यादव का जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जहरीली और अवैध शराब के कारोबार को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम ने साफ किया है कि जनस्वास्थ्य और लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अब इसी निर्देश के तहत सागर प्रशासन ने आरोपियों से जुड़ी कथित अवैध संपत्तियों और शासकीय जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है।
पांच ठिकानों पर बुलडोजर एक्शन
प्रशासन की कार्रवाई में पांच प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया गया है। मनीष लोधी, चंद्रभान राजपूत और आशीष साहू के कथित अवैध मकान और गोदामों पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का संदेश साफ है कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़ी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद सरकार अब अवैध शराब के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग के स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ा रही है।