बड़वानी। 12वीं बोर्ड परीक्षा में असफल होने के बाद अधिकांश छात्र निराशा में डूब जाते हैं, लेकिन बड़वानी जिले के एक छोटे से गांव के युवक ने इसी असफलता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। वारला तहसील के खुतवाड़ी गांव निवासी चेतन सोलंकी ने साबित कर दिया कि यदि इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। 12वीं में फेल होने के बाद उन्होंने हार मानने के बजाय दोबारा तैयारी की और अब देश के प्रतिष्ठित आईआईटी खड़गपुर में प्रवेश हासिल कर लिया है।

12वीं में फेल होने के बाद टूट गए थे चेतन
चेतन ने अपनी 12वीं की पढ़ाई बेटमा स्थित श्रमोदय आवासीय विद्यालय से की थी। परीक्षा परिणाम आने पर वे असफल हो गए। यह उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था। असफलता ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया और वे घर लौट आए। हालांकि परिवार ने उन्हें निराश होने के बजाय फिर से खड़े होने की प्रेरणा दी।
चाचा की एक बात ने बदल दी जिंदगी
कठिन समय में उनके चाचा ओंकार सोलंकी ने उनका मनोबल बढ़ाया। परिवार ने उन पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला और भरोसा दिलाया कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए कई रास्ते खुले हैं। परिवार के इसी विश्वास ने चेतन को नई ऊर्जा दी और उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू कर दी।
न कोचिंग, न बड़े संसाधन; इंटरनेट बना गुरु
खुतवाड़ी गांव में बिजली और इंटरनेट की समस्याएं आम हैं। इसके बावजूद चेतन ने हार नहीं मानी। उन्होंने ऑनलाइन उपलब्ध अध्ययन सामग्री और डिजिटल कोर्स के सहारे स्वयं पढ़ाई शुरू की। दिन में पिता कमल सोलंकी के साथ खेती के काम में हाथ बंटाते और बाकी समय पढ़ाई करते।बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान या अध्ययन समूह की मदद के उन्होंने न केवल 12वीं की परीक्षा पास की, बल्कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल जेईई एडवांस्ड की तैयारी भी शुरू कर दी।
ST वर्ग में 1309वीं रैंक, IIT खड़गपुर में मिला प्रवेश
लगातार मेहनत का परिणाम तब मिला जब चेतन ने जेईई एडवांस्ड में एसटी वर्ग में 1309वीं रैंक हासिल की। इसके आधार पर उन्हें आईआईटी खड़गपुर में एग्रीकल्चर एंड फूड इंजीनियरिंग शाखा में प्रवेश मिला है।अगले महीने वे देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में से एक आईआईटी खड़गपुर में अपनी नई शैक्षणिक यात्रा शुरू करेंगे।
किसानों के लिए काम करना चाहते हैं चेतन
चेतन का कहना है कि उन्होंने कृषि से जुड़ा विषय इसलिए चुना है क्योंकि वे अपनी शिक्षा का लाभ किसानों और कृषि क्षेत्र तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका सपना आगे चलकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में जाना है।
'12वीं फेल' फिल्म से मिली प्रेरणा
चेतन बताते हैं कि फिल्म 12th Fail ने उन्हें काफी प्रेरित किया। फिल्म की कहानी में उन्हें अपने जीवन से जुड़ी कई समानताएं नजर आईं। उनके अनुसार, असफलता अंत नहीं होती, बल्कि कई बार वही सफलता की नई शुरुआत बन जाती है।आज चेतन सोलंकी की कहानी उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो किसी परीक्षा में असफल होने के बाद खुद को कमजोर समझने लगते हैं। बड़वानी के इस युवक ने साबित कर दिया कि एक रिजल्ट भविष्य तय नहीं करता, बल्कि दृढ़ संकल्प और मेहनत ही असली पहचान बनाते हैं।