बालाघाट: असम के नागांव जिले में स्थित सीआरपीएफ की 34वीं बटालियन के कैंप में हुई गोलीबारी में मध्य प्रदेश के बालाघाट निवासी हेड कांस्टेबल विष्णु प्रसाद बघेल शहीद हो गए। इस घटना में कुल तीन जवानों की जान गई, जबकि एक अन्य जवान घायल हुआ है। शहीद विष्णु बघेल का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक गांव पहुंचेगा, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
ASI ने साथियों पर बरसाईं गोलियां
यह घटना 4 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे हुई। सीआरपीएफ के मुताबिक, आंध्र प्रदेश निवासी एएसआई बल्लानी प्रेमाबरम ने गार्ड रूम से इंसास राइफल उठाकर बैरक और क्वार्टर गार्ड की ओर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में एसआई रामनवाल सिंह यादव और हेड कांस्टेबल विष्णु प्रसाद बघेल की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी एएसआई ने खुद को भी गोली मार ली। घटना में एएसआई माने गोबिंद घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
गोलीबारी में विष्णु बघेल के पेट में गोली लगी थी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हाल ही में पदोन्नति के बाद उनका भोपाल की 107वीं बटालियन से असम की 34वीं बटालियन में तबादला हुआ था। शहीद विष्णु प्रसाद बघेल अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके पिता पैरालिसिस से पीड़ित हैं, जबकि मां कैंसर का इलाज करा रही हैं। परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
आज होगी अंतिम विदाई
शहीद विष्णु प्रसाद बघेल का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भीकेवाड़ा (शेरपार), जिला बालाघाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। प्रशासन, सीआरपीएफ के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे।