भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स 2026 में बड़ा कारनामा किया है। उन्होंने विमेंस ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। नीरू इस इवेंट में एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।
अस्पताल से शूटिंग रेंज तक का सफर
नीरू की यह जीत इसलिए खास है क्योंकि करीब 10 दिन पहले तक वह दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थीं। उन्हें तेज फ्लू हुआ था। बीमारी के दौरान वह करीब 5 दिनों तक ठीक से कुछ खा-पी नहीं पाई थीं। हालत ऐसी थी कि चार दिन तक वह गन उठाने की स्थिति में भी नहीं थीं। इसके बाद उन्होंने तेजी से रिकवरी की और एशियन गेम्स के लिए वापसी की। शूटिंग रेंज पर पहुंचते ही नीरू ने अपना पूरा ध्यान प्रदर्शन पर लगाया और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
कोच की सलाह को बनाया मंत्र
गोल्ड जीतने के बाद नीरू ने अपने कोच मनशेर सिंह को भी याद किया। उन्होंने बताया कि कोच ने बीमारी और पुरानी परेशानियों को पीछे छोड़कर सिर्फ निशाने पर ध्यान देने की सलाह दी थी। नीरू ने कहा, “मनशेर सर ने बस यही कहा कि जो हुआ उसे भूल जाओ और निशाने पर ध्यान लगाओ, और मैंने वही किया।”
भारत को मिला पांचवां गोल्ड
नीरू का गोल्ड एशियन गेम्स 2026 में भारत का पांचवां स्वर्ण पदक है। शूटिंग में यह भारत का दूसरा गोल्ड है। इससे पहले पिस्टल शूटिंग के मिक्स्ड इवेंट में भारत को स्वर्ण पदक मिला था। शूटिंग में भारतीय निशानेबाज अब तक 14 पदक जीत चुके हैं। इनमें 5 गोल्ड, 8 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
47 मेडल के साथ 11वें स्थान पर भारत
नीरू के गोल्ड के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 47 हो गई है। हालांकि, भारतीय दल अभी मेडल टेबल के टॉप-10 में जगह नहीं बना पाया है। भारत 11वें स्थान पर है। बीमारी से उबरने के कुछ ही दिनों बाद नीरू का गोल्ड तक पहुंचना एशियन गेम्स 2026 की भारतीय टीम की यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गया है।