नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए शनिवार का दिन शानदार रहा। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल मुकाबले में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही भारतीय महिला टीम ने लगातार पांचवें एशियाड में पदक जीतने का सिलसिला बरकरार रखा। महिला कबड्डी के अलावा स्क्वॉश में भी भारत को बड़ी कामयाबी मिली। 18 साल की अनाहत सिंह विमेंस सिंगल्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। वहीं, अभय सिंह ने मेंस सिंगल्स के सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान को हराकर अगले दौर में जगह बनाई।
पुरुष कबड्डी टीम का फाइनल आज
महिला टीम के गोल्ड जीतने के बाद अब भारतीय पुरुष कबड्डी टीम पर भी नजरें रहेंगी। पुरुष कबड्डी का फाइनल मुकाबला दोपहर 2:30 बजे ईरान के खिलाफ खेला जाएगा। भारतीय टीम इस मुकाबले में भी पदक के लिए उतरेगी।
मैराथन में 44 साल बाद मिला मेडल
एथलेटिक्स में सावन बरवाल ने पुरुष मैराथन में भारत को सिल्वर मेडल दिलाया। उन्होंने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर रेस पूरी की। इस उपलब्धि के साथ भारत को एशियन गेम्स की पुरुष मैराथन स्पर्धा में 44 साल बाद पदक मिला है। इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियाड में भारतीय खिलाड़ी ने इस इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
शूटिंग में भारत का 11वां पदक
शूटिंग में भी भारत के खाते में एक और सिल्वर आया। महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में भारतीय टीम दूसरे स्थान पर रही। टीम में आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदार्शा विनोद शामिल थीं। इस पदक के साथ एशियन गेम्स के इस संस्करण में शूटिंग में भारत के कुल पदकों की संख्या 11 हो गई है। इनमें एक गोल्ड, पांच सिल्वर और चार ब्रॉन्ज पहले ही शामिल थे।
भारत की मेडल टैली में 27 पदक
महिला कबड्डी में गोल्ड जीतने के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 27 हो गई है। इनमें 3 गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। कुल पदकों की संख्या बढ़ने के बावजूद भारत मेडल टैली में 12वें स्थान पर बना हुआ है। एशियन गेम्स के सातवें दिन भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से पदक तालिका में आगे बढ़ने की उम्मीदें बनी हुई हैं।