कैमरा उठाया तो लाठी मिली: पाक प्रेस क्लब पर हमला, जब सच्चाई बोलने की सजा मिली

pak-police-attacks-journalists-during-pok-protest-in-islamabad

कैमरा उठाया तो लाठी मिली: पाक प्रेस क्लब पर हमला, जब सच्चाई बोलने की सजा मिली

कैमरा उठाया तो लाठी मिली पाक प्रेस क्लब पर हमला जब सच्चाई बोलने की सजा मिली

पाकिस्तानी पत्रकारों की चीख बन गई पूरी दुनिया की आवाज़ Pak Police Attacks Journalists During PoK Protest in Islamabad

Pak Police Attacks Journalists During Protest: आपकी आवाजें ही हमें जनता तक पहुंचाती हैं...ये बात गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने पत्रकारों से माफी मांगते हुए कही थी। लेकिन जब वो शब्द बोले जा रहे थे, उसी वक्त किसी रिपोर्टर के मोबाइल पर एक क्रैक था, किसी फोटोग्राफर के माथे पर पट्टी।

इस्लामाबाद के प्रेस क्लब, जो कभी लोकतंत्र की आवाज़ का गढ़ माना जाता था, वहां पुलिस बूटों की धमक, लाठियों की गूंज और कैमरों की चीख सुनाई दी।

Pak Police Attacks Journalists During Protest: घटना जिसने हिला दिया मीडिया का भरोसा

गुरुवार को, PoK (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में चल रहे इंटरनेट ब्लैकआउट और सरकारी अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ नागरिक प्रेस क्लब के बाहर जमा हुए थे। इनमें कई पत्रकार भी शामिल थे—जिनका कसूर सिर्फ इतना था कि वे सच दिखा रहे थे। फिर पुलिस आई।

वो ना सिर्फ प्रदर्शनकारियों को घसीटती हुई अंदर ले गई,

बल्कि कैफेटेरिया में बैठे उन पत्रकारों को भी पीटा, जो सिर्फ चाय पी रहे थे या खबर टाइप कर रहे थे। एक फोटोग्राफर का कैमरा तोड़ा गया, एक रिपोर्टर के सिर पर लाठी मारी गई, और कई के मोबाइल फर्श पर फेंककर कुचले गए।

पुलिस की सफाई और सरकार की खामोशी

पुलिस का बयान शर्मनाक था

गलती से पत्रकारों पर लाठियां चल गईं...

क्या आज़ाद देश में ये स्पष्टीकरण काफी है? क्या जो पत्रकार अब ICU में हैं, उनकी गलती सिर्फ ये थी कि उन्होंने कैमरे का बटन दबा दिया? गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने मामले की जांच का आदेश तो दे दिया, लेकिन पत्रकार समुदाय का भरोसा टूट चुका है। ये सिर्फ हमला नहीं था  ये प्रेस की रीढ़ तोड़ने की कोशिश थी।

Pak Police Attacks Journalists During Protest: PoK की लपटें, इस्लामाबाद की सड़कों तक

इस हमले की जड़ें PoK के जनविरोध से जुड़ी हैं, जहां लोग लगातार बिजली, आटे, और बुनियादी सुविधाओं पर मिल रही सब्सिडी के कटौती के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं। 38 मांगों की एक सूची लेकर लोग मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे हैं। इनमें से कुछ मांगे ऐसी हैं जो पाकिस्तान की कथित लोकतांत्रिक छवि पर तमाचा हैं:

  • PoK की विधानसभा की 12 रिजर्व सीटें खत्म करना

  • बिजली परियोजनाओं में लोकल लोगों को हक देना

  • महंगाई से राहत के लिए सब्सिडी बहाल करना

Pak Police Attacks Journalists During Protest: ये कोई एक प्रेस क्लब की कहानी नहीं।

ये हर उस देश की कहानी है जहां सच बोलने पर लाठी मिलती है। जहां पत्रकारों को गलती से मार दिया जाता है, और कैमरे की आंखें फोड़ दी जाती हैं। पर क्या सच्चाई मिट सकती है? शायद नहीं।

इस्लामाबाद की वो दोपहर एक बात याद दिला गई जिस दिन पत्रकार डरने लगे, उस दिन जनता को बोलने का हक छिन जाता है। 

संबंधित सामग्री

रायपुर में बीमा निवेश के नाम पर 63 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़

रायपुर में बीमा निवेश के नाम पर 63 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

रायपुर में ICICI Prudential Life Insurance के नाम पर 63 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी मयूर बारमेडा को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के तहत सीएम विष्णुदेव साय का राज्यव्यापी दौरा शुरू

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के तहत सीएम विष्णुदेव साय का राज्यव्यापी दौरा शुरू

छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यव्यापी दौरे की शुरुआत की, जिसमें वे योजनाओं की समीक्षा करेंगे।

ओलिंपियन विनेश फोगाट ने WFI के पूर्व अध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

खेल

ओलिंपियन विनेश फोगाट ने WFI के पूर्व अध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

विनेश फोगाट ने WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर अपने इंस्टाग्राम पर गंभीर आरोप लगाए, वीडियो वायरल हो रहा है।

किराए के मकान में युवक का फांसी पर लटकता मिला शव

छत्तीसगढ़

किराए के मकान में युवक का फांसी पर लटकता मिला शव

छत्तीसगढ़ के सक्ती में एक किराए के मकान में फांसी पर लटकता युवक का शव मिला। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।

असम में युवक ने अवैध संबंधों के चलते की गर्भवती पत्नी की हत्या, रिश्तों को शर्मसार करती वारदात का हुआ खुलासा

जुर्म गाथा

असम में युवक ने अवैध संबंधों के चलते की गर्भवती पत्नी की हत्या, रिश्तों को शर्मसार करती वारदात का हुआ खुलासा

असम के कछार जिले में एक पति ने अपनी सात माह की गर्भवती पत्नी की हत्या कर दी, जिससे इलाके में गहरा आक्रोश और दहशत फैल गई है।