Machado Skips Nobel Ceremony: सरकारी दबाव के बीच मचाडो नोबेल समारोह से नदारद, छिपकर रह रहीं

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Machado Skips Nobel Ceremony: सरकारी दबाव के बीच मचाडो नोबेल समारोह से नदारद, छिपकर रह रहीं

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बेटी ने ओस्लो में लिया पुरस्कार

Machado Skips Nobel Ceremony: वेनेज़ुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो इस बार नोबेल शांति पुरस्कार समारोह में शामिल नहीं हो सकीं। ओस्लो पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में उनकी जगह मंच पर उनकी बेटी एना कोरीना सोसा मौजूद थीं, जिन्होंने न सिर्फ पुरस्कार ग्रहण किया बल्कि अपनी मां का तैयार किया हुआ भाषण भी पढ़ा। Read More:-बिना KYC सिलेंडर नहीं,अब सिर्फ कनेक्शन नंबर से मिलेगा रेगुलेटर और पाइप

Machado Skips Nobel Ceremony: यात्रा प्रतिबंध और गिरफ्तारी का खतरा

मचाडो पर सरकारी यात्रा प्रतिबंध लागू है और करीब एक साल से वे गुप्त स्थान पर रह रही हैं। अधिकारियों द्वारा संभावित कार्रवाई के चलते वह नॉर्वे नहीं जा पाईं। हालांकि, नोबेल कमेटी ने कहा है कि मचाडो “रास्ते में हैं” और उम्मीद है कि देर रात तक वे ओस्लो पहुंच सकती हैं—हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

पुरस्कार को ‘वैश्विक महत्व’ बताया

समारोह में पढ़े गए संदेश में मचाडो ने लिखा कि लोकतंत्र और स्वतंत्रता की रक्षा “केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं, बल्कि मानवीय लड़ाई” है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ वेनेज़ुएला के लिए नहीं, बल्कि उन सभी समाजों के लिए मायने रखता है जो दमन और सेंसरशिप के बीच जी रहे हैं।

लंबे समय से सत्ता पर बढ़ते नियंत्रण के आरोप

अपने भाषण में उन्होंने आरोप लगाया कि देश “धीरे-धीरे तानाशाही की ओर ढल गया”, और नागरिक समय रहते इसका अंदाज़ा नहीं लगा सके। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ और मौजूदा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।

2024 में चुनाव लड़ने से रोका गया

2024 में मचाडो को राष्ट्रपति चुनाव में उतरने से प्रतिबंधित कर दिया गया, जबकि विपक्षी प्राइमरी में उन्हें भारी समर्थन मिला था। इसके बाद उनके खिलाफ सरकारी जांच तेज हुई और अगस्त 2024 में वे छिपकर रहने को मजबूर हुईं।

समारोह में अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति

मचाडो की माँ और उनकी तीन बेटियां पुरस्कार लेने के लिए ओस्लो पहुँचीं। समारोह में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई सहित लैटिन अमेरिकी देशों के कई नेता भी मौजूद थे।

मानवाधिकार और लोकतंत्र से जुड़े कई सम्मान

पिछले कुछ वर्षों में मचाडो को कई वैश्विक संस्थाओं से मान्यता मिली है
  • 2025 नोबेल शांति पुरस्कार
  • 2024 सखारोव पुरस्कार (यूरोपीय संसद)
  • 2024 वाच्लाव हावेल मानवाधिकार पुरस्कार
  • 2025 करेज अवॉर्ड (जेनेवा समिट फॉर ह्यूमन राइट्स)
  • 2018 BBC 100 Women सूची

विपक्ष में बढ़ती लोकप्रियता, लेकिन परिणाम विवादों में घिरे

2024 के चुनावों में मचाडो के समर्थित उम्मीदवार एडमंडो गोंजालेज़ उर्रुतिया ने भारी जनसमर्थन हासिल किया, लेकिन विपक्ष का दावा है कि सरकार ने परिणामों को न स्वीकारते हुए सत्ता बनाए रखी। यह तनाव अब भी जारी है, और मचाडो देश में लोकतांत्रिक बहाली की सबसे प्रभावशाली आवाज़ों में से एक बनी हुई हैं।

2012 की वह घटना, जिसने शुरू की पहचान

मचाडो पहली बार अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में 2012 में आईं, जब उन्होंने संसद में 9 घंटे से अधिक वक्त तक भाषण दे रहे चावेज़ को बीच में टोकते हुए “चोर” कहा और जब्त की गई संपत्ति वापस लौटाने की मांग की। इस घटना के बाद उन्हें देशभर में एक मुखर और निर्भीक विपक्षी नेता के रूप में देखा जाने लगा।        

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