सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अंतरिम रूप से निलंबित करने से इनकार कर दिया। SIR से जुड़े कथित एकतरफा फैसलों को लेकर दाखिल याचिकाओं पर कोर्ट ने केंद्र, चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
14 फैसलों को लेकर उठे सवाल
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि SIR से जुड़े करीब 14 महत्वपूर्ण फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल मीडिया रिपोर्ट के आधार पर कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता। पहले रिकॉर्ड और चुनाव आयोग का जवाब देखा जाएगा।
फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से होने चाहिए
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होने चाहिए। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि रिकॉर्ड से यह साबित होता है कि कोई फैसला आवश्यक सहमति या बहुमत के बिना लिया गया, तो उस फैसले को चुनौती दी जा सकती है और कोर्ट उस पर कार्रवाई कर सकता है।
Form-6 पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने Form-6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी है। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड सामने आने के बाद यह देखा जाएगा कि Form-6 में बदलाव किसने किया। यह टिप्पणी SIR के दौरान इस्तेमाल हो रहे संशोधित Form-6 को लेकर उठे विवाद के बीच आई है।
चुनाव आयोग से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी समेत संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। अदालत अब रिकॉर्ड और जवाब के आधार पर यह देखेगी कि SIR से जुड़े फैसलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
मामले की पृष्ठभूमि में एक मीडिया रिपोर्ट थी, जिसमें SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों और दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का दावा किया गया था। इन्हीं दावों के आधार पर CEC के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग को लेकर याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं।
अब आगे क्या होगा
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई अंतरिम निलंबन आदेश नहीं दिया है। कोर्ट पहले संबंधित पक्षों के जवाब और आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच करेगा। यदि रिकॉर्ड से प्रक्रिया के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो अदालत संबंधित फैसलों पर उचित आदेश देने पर विचार कर सकती है।