इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लगातार खराब प्रदर्शन के बीच पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और मौजूदा टीम की स्थिति पर तीखी टिप्पणी की है। अख्तर के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट इस समय ‘वेंटिलेटर पर’ है और मौजूदा टीम से बोर्ड को कोई खास उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दोबारा मजबूत स्थिति में पहुंचने में करीब दो साल लग सकते हैं।
इंग्लैंड तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है, जबकि तीसरा मुकाबला अभी बाकी है। ऐसे में पाकिस्तान के सामने सीरीज में क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती है।
‘मौजूदा टीम से कोई उम्मीद नहीं’
शोएब अख्तर ने ‘आउटसाइड एज’ शो में पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए कहा कि PCB अब अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों से उम्मीद लगाए बैठा है। उनके मुताबिक, बोर्ड ऐसे क्रिकेटरों को तैयार करना चाहता है जो लंबे समय तक पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर सकें।
अख्तर ने PCB के एक अधिकारी से हुई बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर गई मौजूदा टीम से बोर्ड की उम्मीदों के बारे में पूछा था। अधिकारी ने कथित तौर पर जवाब दिया, ‘कुछ नहीं। हमारी उम्मीदें उन खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी से हैं, जिन्हें हम बड़े मंच के लिए तैयार कर रहे हैं।’
अख्तर के अनुसार, इसी अधिकारी ने पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा हालत को ‘वेंटिलेटर पर’ बताया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय क्रिकेट सेटअप को फिर से मजबूत करने में करीब दो साल का समय लग सकता है।
शाहीन, नसीम और हारिस पर खास ध्यान की सलाह
पूर्व तेज गेंदबाज ने शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और हारिस रऊफ को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तीनों के करियर में अभी काफी क्रिकेट बाकी है और इसलिए उनके वर्कलोड तथा फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
मिस्बाह ने भी सिस्टम पर उठाए सवाल
पूर्व टेस्ट कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने भी पाकिस्तान क्रिकेट सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय चयनकर्ता का पद छोड़ने वाले मिस्बाह ने स्थानीय और विदेशी कोचों के साथ होने वाले कथित अलग व्यवहार पर चिंता जताई।
एक टीवी शो में उन्होंने कहा कि उन्हें विदेशी कोच नियुक्त किए जाने से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन PCB, मीडिया, आलोचक और प्रशंसक विदेशी कोचों के प्रति ज्यादा नरम रवैया अपनाते हैं। उनके मुताबिक, विदेशी कोचों को स्थानीय कोचों की तुलना में ज्यादा अधिकार और ताकत भी दी जाती है।
लगातार आलोचना से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास प्रभावित
मिस्बाह ने खराब प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों को लगातार निशाना बनाए जाने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि असफलता के बाद बार-बार आलोचना का सामना करने से खिलाड़ी के लिए फॉर्म और आत्मविश्वास वापस हासिल करना मुश्किल हो सकता है।
उनके मुताबिक, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करते समय उन्हें सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए, बजाय इसके कि हर असफलता के बाद उन्हें लगातार आलोचना झेलनी पड़े।
क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती

पाकिस्तान अब एजबेस्टन में तीसरे टेस्ट में उतरेगा। टीम के सामने 3-0 की हार से बचने की चुनौती होगी। हालांकि, इंग्लैंड दौरे की तस्वीर और पूर्व खिलाड़ियों की टिप्पणियां संकेत देती हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट की परेशानी केवल एक टेस्ट सीरीज तक सीमित नहीं है। टीम चयन, कोचिंग, युवा प्रतिभाओं को तैयार करने और पूरे क्रिकेट सिस्टम में सुधार के लिए PCB को अब दीर्घकालिक रणनीति बनाने की जरूरत है।