पाकिस्तान ने गुरुवार को अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांत में हवाई हमले किए। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक, इन हमलों में 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने हमलों की जानकारी दी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी हमलों में दोनों प्रांतों में तीन घर भी तबाह हुए हैं। हमलों के बाद घायल बच्चों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं।
पाकिस्तान ने एयरस्ट्राइक की
पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि गुरुवार को अफगानिस्तान में दो आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान के मुताबिक, इस कार्रवाई में कम से कम 22 लड़ाके मारे गए हैं। वहीं, तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के इस दावे को खारिज किया है। जबीहुल्लाह मुजाहिद का कहना है कि हमले नागरिक इलाकों में किए गए। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताते हुए पाकिस्तान की कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
अफगानिस्तान की चेतावनी
दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच तालिबान सरकार के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अफगानिस्तान के इतिहास को ध्यान में रखना चाहिए। नूरी ने सोवियत संघ और अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी सैन्य ताकतें भी अफगानिस्तान में लंबे समय तक सफल नहीं हो सकीं। उन्होंने पाकिस्तान से अफगानों के सब्र का इम्तिहान नहीं लेने को कहा।
सीमा विवाद के बाद बढ़ा तनाव
पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP के लड़ाकों ने अफगानिस्तान के पक्तिया और नंगरहार प्रांतों से पाकिस्तान में घुसने की कोशिश की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सीमा पर गोलीबारी हुई। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से ड्रोन भेजे जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, तालिबान सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया है।पाकिस्तान ने सोमवार को भी अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी। उस कार्रवाई में पाकिस्तान ने 28 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया था। गुरुवार का हमला दोनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच हुआ है।
पाकिस्तान और TTP के बीच लंबे समय से संघर्ष
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और पाकिस्तान सरकार के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान अभियान के दौरान पाकिस्तान ने अमेरिका का समर्थन किया था। TTP ने पाकिस्तान के इस रुख का विरोध किया था। TTP पाकिस्तान सरकार की नीतियों और उसके शासन को इस्लाम के अनुरूप नहीं मानता और इसी आधार पर उसके खिलाफ हिंसक गतिविधियां करता रहा है।
TTP और अफगान तालिबान अलग-अलग संगठन हैं, हालांकि दोनों के बीच संबंध और संपर्क की बात लंबे समय से सामने आती रही है। 2021 में अफगान तालिबान के दोबारा सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान और TTP के बीच तनाव और बढ़ा। पाकिस्तान ने TTP के ठिकानों और लड़ाकों पर कार्रवाई के लिए अफगानिस्तान पर दबाव बनाया है। अफगानिस्तान में गुरुवार की एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की स्थिति बनी हुई है। मौतों और हमलों को लेकर पाकिस्तान और अफगान तालिबान सरकार के दावे अलग-अलग हैं।